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दिल्ली हवाई अड्डे के बंद हो चुके टर्मिनल 1 (टी1) का विस्तृत तकनीकी अध्ययन पूरा होने में एक महीने लगने की संभावना

नई दिल्ली
दिल्ली हवाई अड्डे के बंद हो चुके टर्मिनल 1 (टी1) का विस्तृत तकनीकी अध्ययन पूरा होने में एक महीने लगने की संभावना है और इसके निष्कर्षों के आधार पर टर्मिनल पर परिचालन बहाल करने पर निर्णय लिया जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को पीटीआई-भाषा से कहा कि टी1 से सभी उड़ानों को टर्मिनल 2 (टी2) और टर्मिनल 3 (टी3) पर स्थानांतरित कर दिया गया है और उन सभी का संचालन किया जा रहा है। शुक्रवार को भारी बारिश के बीच टी1 के पुराने प्रस्थान प्रांगण में एक छत ढह गई थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और कम से कम छह लोग घायल हो गए।

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घटना के बाद, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के संरचनात्मक इंजीनियरों को जांच करने के लिए कहा  है। अधिकारी ने बताया कि टी1 के तकनीकी अध्ययन में करीब एक महीने का समय लग जाएगा। अधिकारी ने बताया कि निष्कर्ष आने के बाद टी1 पर परिचालन बहाल करने के बारे में फैसला लिया जाएगा। जीएमआर समूह के नेतृत्व वाली कंपनी 'डायल' द्वारा संचालित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआईए) के तीन टर्मिनल- टी1, टी2 और टी3 हैं। यह प्रतिदिन लगभग 1,400 उड़ानों का संचालन करता है।

टी1 का उपयोग एयरलाइन कंपनियों इंडिगो और स्पाइसजेट द्वारा घरेलू उड़ान संचालन के लिए किया जाता था। अधिकारी ने बताया कि टी-1 से इंडिगो की 72 उड़ानें टी-2 और टी-3 पर स्थानांतरित कर दी गई हैं, तथा टी-3 पर 17 उड़ानें स्थानांतरित की गई हैं। उन्होंने बताया कि सभी उड़ानें चालू हैं। एयरलाइन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, 'दिल्ली से आने-जाने वाली स्पाइसजेट की सभी उड़ानें एक जुलाई से सात जुलाई 2024 तक दिल्ली हवाई अड्डे के टी-3 से संचालित होंगी। सभी यात्रियों को उनके पंजीकृत संपर्क विवरण (एसएमएस/ईमेल) पर आवश्यक जानकारी दे दी गई है।' मामले से जुड़े दो सूत्रों ने बताया कि टी1 पर परिचालन बहाल होने में कुछ महीने लग सकते हैं।

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