मध्यप्रदेश

इंदौर में गड्ढों से हादसे पर सख्त हुए सांसद शंकर लालवानी, ठेकेदार-अधिकारियों पर FIR की चेतावनी

 इंदौर
 कलेक्टर कार्यालय में  सांसद शंकर लालवानी की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक हुई। इसमें सिंहस्थ से पहले कान्ह एवं सरस्वती नदी को स्वच्छ और साफ करने के अलावा सड़कों के गड्ढों पर चर्चा हुई। बैठक में सांसद ने निर्देश दिए कि बरसात से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का कार्य जल्द प्रारंभ करें। सड़क के गड्ढों के कारण किसी की जान गई, तो वे स्वयं थाने जाकर जिम्मेदार ठेकेदार और अधिकारी पर एफआईआर कराएंगे। गड्ढों के कारण किसी की जान नहीं जानी चाहिए।

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बैठक में शहर और ग्रामीण के अलावा इंदौर-देवास बायपास की सड़कों पर गड्ढों का मुद्दा छाया रहा। बैठक में सांसद ने एनएचएआइ को बायपास पर राऊ से लेकर शिप्रा तक निर्माणाधीन ओवरब्रिज के लिए डायवर्शन सड़क की मरम्मत का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही आइडीए और नगर निगम को भी अपने क्षेत्र की सड़कों के सुधार के लिए निर्देशित किया गया।

जवाबदेही तय कर कार्रवाई के निर्देश दिए

सड़कों की तकनीकी खामियों से होने वाली दुर्घटनाओं के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सांसद कविता पाटीदार, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला सहित कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष रीना मालवीय, आईडीए मुख्य कार्यपालन अधिकारी डा. परीक्षित झाड़े, जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

करोड़ों खर्च किए फिर भी सफाई अधूरी

कान्ह और सरस्वती नदी पर साल 2000 से 2021 तक ग्यारह सौ करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन फिर भी साफ नहीं हो सकी। बैठक में एक बार फिर सिंहस्थ के मद्देनजर दोनों नदियों के साफ और सुंदरीकरण के लिए योजना तैयार कर क्रियान्वयन के निर्देश दिए। सांसद कविता पाटीदार ने भी ग्रामीण क्षेत्रों की नदियों को स्वच्छ रखने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण नदियों की स्वच्छता पर ही कान्ह और सरस्वती नदी की शुद्धता निर्भर है। ऐसे में ड्रेनेज व्यवस्था सुदृढ़ बनाएं, ताकि दूषित पानी नहीं मिले।

शहर से लगे गांवों के कचरे की प्रोसेसिंग निगम करेगा

बैठक में महापौर भार्गव ने कहा कि इंदौर की शहरी सीमा से लगे हुए गांवों और शहर की तरफ आने वाली ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों को स्वच्छ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर से लगे गांवों के कचरा संग्रहण के लिए संयुक्त दल बनाकर विशेष कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए। इस कार्य में निगम द्वारा पूरी मदद दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों के कचरे के प्रोसेसिंग की व्यवस्था भी निगम द्वारा की जाएगी।

54 गांवों में स्थापित होंगे आदि कर्मयोगी सेवा केंद्र

जिले के 54 गांवों में आदि कर्मयोगी अभियान शुरू किया गया है। इसमें महू जनपद के 52 गांव और इंदौर जनपद के दो गांव शामिल हैं। चयनित प्रत्येक गांव में आदि कर्मयोगी सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। सेवा पखवाड़ा के तहत सांसद खेल महोत्सव का आयोजन होगा। इसमें ग्राम से लेकर जिला स्तर तक खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। जिम्मेदारी खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा शिक्षा विभाग को सौंपी गई है।

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