मध्यप्रदेश

इको क्लब द्वारा नेचर कैंप का आयोजन: छात्राओं को प्रकृति से जोड़ने की अनूठी पहल

सिवनी मालवा
शासकीय कन्या महाविद्यालय, सिवनी मालवा के इको क्लब द्वारा पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के महत्व को समझाने के उद्देश्य से छात्राओं के लिए एक दिवसीय नेचर कैंप का आयोजन किया गया, जिसकी इस बार की थीम थी "बर्ड वाचिंग"। यह कैंप पीपलगोटा वन परिक्षेत्र में आयोजित किया गया, जहां छात्राओं ने प्रकृति की गोद में पर्यावरणीय शिक्षा का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।

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प्राचार्य डॉ. उमेश कुमार धुर्वे के मार्गदर्शन में इको क्लब इकाई ने पीपलगोटा वन परिक्षेत्र के लिए प्रस्थान किया। दल की रवानगी करते हुए प्राचार्य डॉ. धुर्वे ने कहा कि, "प्राकृतिक स्थलों पर जाकर सीखना न केवल ज्ञानवर्धक होता है, बल्कि यह हमें प्रकृति के करीब लाकर पर्यावरणीय चुनौतियों को समझने और समाधान ढूंढने की प्रेरणा देता है। इको क्लब का यह प्रयास सराहनीय है, जो छात्राओं को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी सिखा रहा है।"

वन परिक्षेत्र के भ्रमण के दौरान वनरक्षक श्री जीवन लाल यादव द्वारा इको क्लब कि छात्राओं को विभिन्न प्रकार के पेड़ पौधे तथा पक्षियों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। इस दौरान वनरक्षक श्री जितेंद्र कुमार चौधरी एवं वनपाल श्री महिपाल सिंह ठाकुर भी उपस्थित रहे। प्रकृति भ्रमण के दौरान विषय विशेषज्ञों की उपस्थिति में छात्राओं ने स्थानीय वनस्पतियों और पक्षियों की प्रजातियों की पहचान की और उनके पर्यावरणीय महत्व को समझा।

प्रकृति भ्रमण के दौरान इको क्लब संयोजक डॉ. सतीश बालापुरे ने कहा कि, "नेचर कैंप का उद्देश्य छात्राओं को प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव का अनुभव कराना है। इस तरह की गतिविधियां उन्हें जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के महत्व को समझने में मदद करती हैं।"

सह-संयोजक रजनीकांत वर्मा ने कहा कि, "पर्यावरण संरक्षण केवल एक विषय नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। नेचर कैंप जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से हम नई पीढ़ी को प्रकृति के प्रति संवेदनशील और जागरूक बना सकते हैं।"

प्राध्यापक डॉ. बाऊ पटेल ने कहा कि, "नेचर कैंप जैसे आयोजन छात्राओं को प्रकृति के करीब लाने और उनके भीतर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का बेहतरीन माध्यम हैं। यह अनुभव न केवल उनके शैक्षणिक विकास में सहायक होगा, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।"

छात्राओं ने इस अनुभव को अत्यधिक प्रेरणादायक और शिक्षाप्रद बताया।
कार्यक्रम के अंत में इको क्लब ने भविष्य में ऐसे और भी आयोजनों की योजना बनाई, जिससे छात्राओं को न केवल शिक्षा, बल्कि पर्यावरणीय जिम्मेदारी की समझ भी मिले।
नेचर विजिट के दौरान प्राध्यापक कु.आकांक्षा पांडे, नीलम दुबे एवं शशांक गौर तथा इको क्लब इकाई की समस्त छात्राएं उपस्थित रही।

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