खेल

तीन हार के बाद भी बची उम्मीद! टीम इंडिया ऐसे पहुंच सकती है WTC फाइनल में

नई दिल्ली 
कोलकाता टेस्ट हारने के बाद टीम इंडिया ने अपने लिए मुश्किलों का पहाड़ खड़ा कर लिया है। इस एक मैच के हारने से टीम इंडिया के लिए साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज को जीतना तो नामुमकिन हो ही गया है। साथ ही साथ टीम इंडिया के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को भी झटका लगा है। तीन में से दो बार डब्ल्यूटीसी का फाइनल खेलने वाली टीम इंडिया इस बार के साइकिल में पहले 8 मैचों में से तीन मैच हार चुकी है, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा है और चार मैच जीते हैं। इन आंकड़ों के बाद क्या टीम इंडिया डब्ल्यूटीसी फाइनल 2027 के लिए क्वालीफाई कर पाएगी? इसका सिनेरियो जान लीजिए।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

दरअसल, टीम इंडिया को अब बाकी बचे टेस्ट मैचों में बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा। अभी भी 10 मुकाबले भारतीय टीम के इस डब्ल्यूटीसी साइकिल में बाकी हैं, लेकिन एक दौरा बहुत मुश्किल भरा रहेगा। अभी शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम डब्ल्यूटीसी पॉइंट्स टेबल में 54 फीसदी के करीब मैच जीतकर चौथे स्थान पर है। अगर इतिहास को देखें तो आपको डब्ल्यूटीसी के फाइनल में पहुंचने के लिए 64 से 68 फीसदी जीत प्रतिशत रखना होगा। इससे साफ है कि अब बाकी बचे मैचों में भारत को फूंक-फूंककर कदम रखना होगा।

डब्ल्यूटीसी पॉइंट्स टेबल 2025-27 में टॉप 2 में जगह बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा मैच भारत को जीतने होंगे। गलती करनी की गुंजाइश बहुत कम हो गई है। अब हर एक हार के बाद टीम इंडिया के लिए फाइनल के लिए क्वालीफाई करने के लिए मुश्किल होती जाएगी। भारतीय टीम के बाकी बचे मैचों की बात करें तो अभी एक मुकाबला साउथ अफ्रीका के खिलाफ बाकी है, जबकि इसके बाद श्रीलंका में भारत को दो टेस्ट खेलने हैं और इतने ही टेस्ट मैचों की सीरीज न्यूजीलैंड में खेलनी है, जो बहुत मुश्किल वाली होगी।

10 मैच भारत के बाकी हैं
इसके अलावा भारतीय टीम को घर पर ऑस्ट्रेलिया से पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी होगी। इस तरह आगे की राह बहुत ज्यादा मुश्किल लग रही है। अगर भारत बाकी बचे 10 मैचों में से 8 मैच भी जीतता है तो फाइनल के लिए आसानी से क्वालीफाई कर जाएगा, लेकिन 7 मैच जीतने पर मुश्किलें होंगी। हालांकि, यहां देखने वाली बात ये होगी कि अगर भारत बाकी बचे 10 मैचों में से दो से ज्यादा मैच हारता है तो फिर भारत अपने दम पर फाइनल में नहीं पहुंच पाएगा।

 

Related Articles

Back to top button