मध्यप्रदेश

रतलाम में 130 साल पुराने भैरव मंदिर को लेकर विवाद, पड़ोसी पर लगा मंदिर तोड़ने का आरोप

रतलाम
रतलाम में 130 साल पुराने भैरव मंदिर को तोड़ दिया गया। इस घटना से हिंदू संगठनों में आक्रोश है। मंदिर तोड़ने का आरोप पड़ोसी मकान मालिक पर लगा है। मंदिर का मलबा आरोपी के घर के बाहर रखवा दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। हिंदू संगठन मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग कर रहे हैं।

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जेसीबी से तोड़ा गया मंदिर

रतलाम के ओझाखाली रामगढ़ कॉर्नर पर स्थित भैरव मंदिर को जेसीबी से तोड़ा गया। यह घटना शुक्रवार दोपहर की है। मंदिर लगभग 130 साल पुराना बताया जा रहा है। मंदिर तोड़ने की खबर जैसे ही फैली, वैसे ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। हिंदू संगठनों ने इस घटना का कड़ा विरोध किया। उन्होंने मंदिर तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

सूचना मिलते ही एसडीएम अनिल भाना, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया और माणकचौक थाना प्रभारी अनुराग यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई

सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने कहा कि यह प्राचीन मंदिर था, जिसे तोड़ा गया है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। माणकचौक थाना पुलिस ने विजय पिता रमेशचंद्र शर्मा की शिकायत पर अभय पिता श्रेणिक कुमार गांधी और जेसीबी ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि दोनों आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मूर्ति को बचा लिया गया

गनीमत रही कि मंदिर तोड़ने के दौरान भैरव जी की मूर्ति को समय रहते बचा लिया गया। गुस्साए लोगों ने मंदिर का मलबा जेसीबी से उठवाकर आरोपी के घर के बाहर रखवा दिया। इस दौरान आरोपी के घर की महिलाओं ने विरोध किया, लेकिन पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया।

पड़ोसी मकान मालिक पर तोड़ने का आरोप

हिंदू संगठनों का कहना है कि भैरव मंदिर 130 साल पुराना था। मंदिर में एक प्याऊ भी थी, जहां लोगों को पानी मिलता था। मंदिर तोड़ने का आरोप पड़ोसी मकान मालिक पर लगा है, जिसका नाम अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।

बजरंग दल के रामबाबू शर्मा ने कहा कि मंदिर के स्थान पर दुकान निकालने की साजिश के तहत यह तोड़फोड़ की गई है। हमारी मांग है कि मंदिर को पुनः उसी स्थान पर बनाया जाए और प्याऊ को भी पुनः संचालित किया जाए।

आरोपी के घर के सामने रखवा दिया मलबा

पुलिस ने मंदिर का मलबा हटाने के लिए जेसीबी मंगवाई थी, लेकिन हिंदू संगठनों के विरोध के कारण मलबा आरोपी के घर के सामने ही रखवा दिया गया। इस घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। हिंदू संगठन सख्त कार्रवाई और मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग पर अड़े हुए हैं। पुलिस और प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

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