मध्यप्रदेश

हेलमेट की अनिवार्यता से नाराज जनता को शांत करने भाजपा ने बड़ी रणनीति , मुफ्त में बंटेंगे हजारों हेलमेट

इंदौर 

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हेलमेट की अनिवार्यता से उपजे जनाक्रोश को शांत करने के लिए भाजपा ने ठोस योजना तैयार कर ली है। जल्द ही जिला प्रशासन उद्योगपतियों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों के प्रमुखों की बैठक बुलाएगा। इस बैठक में जनता को हेलमेट लगाने के लिए अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी विभागों और सामाजिक संगठनों की ओर से निशुल्क हेलमेट वितरण अभियान भी शुरू किया जाएगा। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा कि हेलमेट अनिवार्य करने का निर्णय सड़क दुर्घटनाओं में मौतों को रोकने के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन ऐसे निर्णय लागू करने से पहले पर्याप्त तैयारी भी होनी चाहिए। हाल ही में भाजपा कार्यालय में सभी विधायकों के साथ इस विषय पर चर्चा हुई, जिसमें कई विधायकों ने अचानक इस नियम के लागू होने पर नाराजगी जताई।

बैठक में तय होगी नई तिथि
सुमित मिश्रा ने बताया कि कलेक्टर आशीष सिंह से इस विषय पर बातचीत हो चुकी है। इसके बाद इंदौर के उद्योगपतियों, व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में सभी की राय लेकर हेलमेट लागू करने की नई तिथि तय की जाएगी। तय तिथि तक नागरिकों को हेलमेट खरीदने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा, जिससे नियम लागू होते ही सभी के पास हेलमेट उपलब्ध हो सके।

निशुल्क हेलमेट वितरण की योजना
भाजपा अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति हेलमेट खरीदने की अनुमति नहीं देती। इसे देखते हुए जिला प्रशासन, नगर निगम और इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा अलग-अलग स्थानों पर 500-500 हेलमेट मुफ्त वितरित किए जाएंगे। इसी तरह भाजपा और अन्य सामाजिक संगठन भी हेलमेट वितरण में शामिल होंगे। उद्देश्य यह रहेगा कि नियम लागू होने से पहले हर जिम्मेदार नागरिक के पास हेलमेट पहुंच जाए।

शुरू होगा विशेष अभियान
मिश्रा ने कहा कि हेलमेट को लेकर विशेष मूवमेंट शुरू किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्धारित तिथि तक सभी तैयारियां पूरी हो जाएं। इसके बाद इंदौर की सड़कों पर दोपहिया वाहन चलाने वाला हर व्यक्ति हेलमेट पहने नजर आए। प्रशासन और भाजपा का लक्ष्य है कि इस अभियान के जरिए सड़क सुरक्षा को मजबूत किया जाए और दुर्घटनाओं में होने वाली जान-माल की हानि को कम किया जा सके। 

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