मध्यप्रदेश

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में विलुप्त प्राय सोन कुत्ताें का झुंड दिखाई दिया

उमरिया:
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में इन दिनों एक ऐसे सदस्य की दस्तक नजर आई है कि टाइगरों में भी डर का माहौल है। ये डर सोन कुत्ते नाम के एक मांसाहारी जानवर का है। बाघों से भी टक्कर लेने में ये जानवर डरते नहीं हैं। बड़े शिकारी इनसे दूर रहने में ही अपनी भलाई समझते हैं।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व अपने टाइगरों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। हाल ही में यहां सोन कुत्तों का एक झुंड देखा गया है। ये कुत्ते बहुत ही अजब-गजब होते हैं और दूसरे जंगली जानवर भी इनसे डरते हैं। ये कुत्ते शिकार को जिंदा ही नोच-नोच कर खा जाते हैं। इसी खूंखार व्यवहार के कारण इनसे आमने सामने भिड़ने की कोई सोचता नहीं है।
दुर्लभ प्रजाति में आते हैं सोन कुत्ते

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व बाघों के साथ साथ कई दुर्लभ जीवों का घर माना जाता है। इसी के चलते हाल ही में यहां दुर्लभ सोन कुत्तों का झुंड देखा गया। ये झुंड बाकी जंगली जानवरों के लिए एक सीधा संदेश देते हुए दाखिल हुआ है कि हर इलाके में शेर से बड़ा बब्बर मिल सकता है। सोन कुत्ते की प्रजाति को अंग्रेजी में ढोले कहते हैं। इनका वैज्ञानिक नाम क्युन अल्पिनस है।
गश्त लगाते दिखा पूरा परिवार

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारी बताते हैं। बांधवगढ़ नेशनल पार्क के पतौर जोन की पनपथा बीट में कर्मचारियों को गश्त लगाते हुए सोन डॉग्स का एक ग्रुप मिला। पूरा परिवार लेक के किनारे पानी पी रहा था। उन्होंने आगे बताया कि एक्टिविटी के समय ये डॉग्स भोंकने की जगह सीटी की तरह आवाज निकालकर एक दूसरे से संचार करते हैं। यह अपने आप में एक गजब की चीज है।
बाघ से टक्कर लेने में नहीं डरते

बांधवगढ़ के उप संचालक ने बताया कि ये दुर्लभ जानवर अपने शिकार करने के तरीके के लिए भी जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि बाघ या चीता जैसे मांसाहारी जानवर शिकार को मारने के बाद ही उसे खाना शुरू करते हैं। लेकिन सोन कुत्ते शिकार के जिंदा रहते ही उसे खाने लगते हैं। यहां तक की बाघ के बच्चों को भी शिकार करने से पहले ये सोचते नहीं है।

Related Articles

Back to top button