राजस्थान

जयपुर में फुटपाथ होंगे अतिक्रमण मुक्त, फ्लाईओवर के नीचे बनेगी नई पार्किंग व्यवस्था

जयपुर
जयपुर शहर में फुटपाथ पर चलना अब लोगों के लिए आसान हो सकता है। सड़कों पर बेतरतीब पार्किंग और अतिक्रमण से राहत दिलाने की दिशा में ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की बैठक में अहम फैसले दिए गए। बुधवार की बैठक जेडीए में जेडीसी सिद्धार्थ महाजन की अध्यक्षता में हुई। बैठक में तय हुआ कि फुटपाथों से डेयरी बूथ, रैंप, सीढ़ियां और अन्य अतिक्रमण हटाए जाएंगे। वहीं फ्लाईओवर के नीचे खाली पड़ी जगहों को पार्किंग के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि सड़क किनारे खड़े वाहनों का दबाव कम हो सके। जयपुर शहर में एरिया ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान (एटीएमपी) लागू कर आंतरिक सड़कों को चरणबद्ध तरीके से सिग्नल-फ्री बनाने और एआइ आधारित ट्रैफिक प्रबंधन की भी तैयारी की गई है।

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बैठक में पैदल यात्रियों को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया। जेडीए की प्रवर्तन शाखा शहरभर में अभियान चलाकर फुटपाथों पर बने अवैध डेयरी बूथ, दुकानों के रैंप, सीढ़ियां और अन्य अतिक्रमण हटाए जाएंगे। एसएल मार्ग सहित प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में होटल, अस्पताल और अन्य प्रतिष्ठानों द्वारा किए गए अतिक्रमण पर भी कार्रवाई होगी।

यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए एरिया ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान लागू किया जाएगा। इसके तहत बाधारहित और निरंतर फुटपाथ विकसित होंगे। सड़क और फुटपाथ के बीच ग्रीन मेश फेंस, लो-लेवल लाइटिंग, हरित पट्टियां, साइकिल ट्रैक, बैठने की व्यवस्था और अन्य शहरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

अब ये तैयारी
    फ्लाईओवर के नीचे खाली पड़े स्थानों को व्यवस्थित पार्किंग। हैरिटेज थीम के अनुरूप कियोस्क।
    प्रमुख मॉल्स की बेसमेंट पार्किंग से अवैध व्यावसायिक गतिविधियां हटाकर उन्हें केवल पार्किंग के लिए उपयोग में लाने का निर्णय भी लिया गया।

पत्रिका ने चलाया अभियान
फुटपाथ पर अतिक्रमण को लेकर राजस्थान पत्रिका ने "फुटपाथ खाली करो" अभियान चलाया था। इसमें बताया था कि राहगीर के चलने को जगह नहीं है। शहरभर में अधिकांश फुटपाथ पर अवैध रूप से कब्जे जमा रखे हैं।

अन्य प्रमुख फैसले

  • शहर के करीब 50 हजार ई-रिक्शा का संचालन 7 जोन में व्यवस्थित होगा। ई-रिक्शा में क्यूआर कोड आधारित एसओएस सुविधा होगी, जिससे महिलाओं और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी।
  • एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) तकनीक से ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान होगी। प्रमुख चौराहों में स्क्रीन पर वाहनों के लंबित चालान प्रदर्शित किए जाएंगे।
  • यातायात पुलिस के लिए हैरिटेज लुक वाले नए ट्रैफिक बूथ बनेंगे। इनमें अलग वॉशरूम सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं होंगी।

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