मध्यप्रदेश

शाजापुर में गरजा प्रशासन का बुलडोजर, धर्मशाला की बिल्डिंग जमींदोज; 37 घरों भी खतरा

  शाजापुर

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

 शाजापुर में मोहन यादव सरकार का बुलडोजर गरजा है। यहां की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई चल रही है। यहां राम मंदिर की जमीन पर धर्मशाला और मकान बनाकर अतिक्रमण किया गया था, जिसे अब जमींदोज कर दिया गया है। इसको लेकर तहसीलदार ने पहले ही नोटिस जारी किया था। मामला जिला कोर्ट में पहुंचने के बाद कोर्ट ने शासन के पक्ष में फैसला देते हुए सभी अतिक्रमणकारियों को अपने कब्जा हटाने के निर्देश जारी किया। इसके बाद जिला प्रशासन और भारी संख्या में पुलिस बल के साथ अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंचा। इस दौरान राम मंदिर की जमीन पर बनी चामुंडा धर्मशाला की बिल्डिंग पर बुलडोजर की कार्यवाही की गई और राम मंदिर की जमीन पर बने 37 मकानों को भी नोटिस जारी किया गया है।

शाजापुर, जिले में अवैध निर्माण पर प्रशासन का बुलडोजर लगातार चल रहा है। शुक्रवार को गवली मोहल्ले में स्थित राम मंदिर की जमीन पर जिला प्रशासन का बुलडोजर चला। इस दौरान दुपाड़ा रोड स्थित चामुंडा धर्मशाला पर कार्यावाही शुरू की गई, जिसमें धर्मशाला की बिल्डिंग पर बुलडोजर चलाया गया और धर्मशाला को जमींदोज कर दिया गया। इसके साथ ही 37 ऐसे और मकान हैं जो इस जमीन पर बनाए गए हैं। इन मकान मालिकों को भी तहसीलदार द्वारा नोटिस देकर खाली करने का और अपने अतिक्रमण को हटाने का निर्देश दिया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार राम मंदिर की जमीन पर 37 निर्माणकर्ताओं को कब्जा हटाने का नोटिस दिया गया है। पहले भी प्रशासन द्वारा कब्जा हटाने की बात कही गई थी। इसके बाद सभी लोगों ने एक मत होकर कोर्ट में न्याय के गुहार लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने प्रशासन के पक्ष में फैसला देते हुए सभी अतिक्रमणकारियों को अपने कब्जा हटाने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही शुरू की गई।
अवैध अतिक्रमणकारियों ने लगाए आरोप

अवैध रूप से भूमि पर कब्जा कर अतिक्रमणकारियों का आरोप है कि अगर यह जमीन राम मंदिर की है तो, उन्हें यह जमीन जिसने दी उसके खिलाफ भी कार्यवाही होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब जमीन राम मंदिर की थी तो उनकी जमीन की रजिस्ट्री और ट्रांसफर नगर पालिका में कैसे हुआ? इसके लिए जो अधिकारी दोषी है उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।

शाजापुर एसडीएम मनीषा वास्कले के अनुसार इस कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने सख्ती से काम लिया है और अवैध निर्माण को तोड़ दिया गया। यह कार्रवाई शाजापुर जिले में अवैध निर्माण को रोकने के लिए की गई है। इससे जिले में कानून व्यवस्था को बनाए रखने में मदद मिलेगी। फिलहाल प्रशासन ने चामुंडा धर्मशाला से इसकी शुरुआत की है जो धीरे-धीरे सभी अतिक्रमणकारियों के घरों पर कार्यवाही की जाएगी।

 

Related Articles

Back to top button