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बीजापुर : पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में एसआईटी चार्जशीट पेश करने वाली

बीजापुर

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 छत्तीसगढ़ के बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. मंगलवार को इस मामले में एसआईटी कोर्ट में चार्जशीट पेश करेगी. पत्रकार मुकेश की हत्याकांड की जांच एसआईटी कौ सौंपी गई थी. जांच में सामने आया था कि इस केस के मुख्य आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर ने वारदात से करीब 3-5 दिन पहले ही मर्डर की पूरी प्लानिंग कर ली थी. दरअसल, मुकेश ने सड़क निर्माण में हुए कथित भ्रष्टाचार को लेकर कुछ खबरें की थी. इसी बात से आरोपी सुरेश काफी नाराज था. फिर उसने अपने कुछ साथियों के साथ मिलने इस वारदात को अंजाम दिया.

पत्रकार मुकेश चंद्राकर 1 जनवरी को लापता हो गए थे. उनकी बॉडी 3 जनवरी को बीजापुर के चट्टानपारा इलाके में सुरेश चंद्राकर की प्रॉपर्टी में बने सेप्टिक टैंक में मिला था. मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस ने भी एक्शन तेज कर दिया था. फिर 5 जनवरी को आरोपी सुरेश चंद्राकर को गिरफ्तार किया गया था. उससे पहले उनके भाई रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर और सुपरवाइजर महेंद्र रामटेके को गिरफ्तार किया गया था.

जानें कब-कब क्या हुआ

    1 जनवरी 2025 की रात पूरी प्लानिंग के बाद बीजापुर के युवा पत्रकार मुकेश की हत्या कर शव को सेप्टिक टैंक में चुनवा दिया गया था

    2 जनवरी को मुकेश के भाई युकेश ने कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी
    3 जनवरी की देर शाम मोबाइल (गूगल) लोकेशन के आधार पर मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर के चट्टान पारा स्थित बाड़ा से मुकेश की बॉडी पुलिस ने बरामद की थी
     इसके बाद इस मामले में सरकार ने एसआईटी जांच के आदेश दे दिए थे

    सुरेश के भाई रितेश, दिनेश और कर्मचारी महेंद्र रामटेके को गिरफ्त में लेने ने 3 दिन बाद हैदराबाद से मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर को गिरफ्तार किया गया था.

    मामला गंगालूर से मिरतुर 100 करोड़ की लागत वाली सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार को लेकर की गई रिपोर्टिंग से जुड़ा हुआ था

    रिपोर्टिंग से खफा सुरेश चंद्राकर ने मुकेश चंद्राकर की हत्या की साजिश रची थी
    अभी जेल में बंद हैं सभी आरोपी

    जिस जगह से मुकेश का शव बरामद हुआ था, एसआईटी ने उसे सील कर रखा है
    हत्या के बाद से सुरेश की प्रापर्टी कुर्की की लगातार मांग उठ रही है

    मामले में भ्रष्टाचार के संलिप्तत को लेकर पीडब्ल्यूडी के पूर्व ईई, एसडीओ समेत 4 लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है

    इन्हें कोर्ट से मिली है जमानत

 

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