भारत

हरीश रावत ने राहुल गांधी की पोल खोल दी: शहजाद पूनावाला

नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत के राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा को लेकर दिए बयान पर तंज कसा है। शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हरीश रावत का एक वीडियो शेयर किया। इसके साथ ही उन्होंने अपने वीडियो बयान को भी शेयर किया। शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने राहुल गांधी की पोल खोल दी। हमने पहले ही कहा था कि राहुल गांधी के लिए एलओपी मतलब 'लीडर ऑफ अपोजिशन' नहीं लीडर ऑफ पर्यटन और लीडर ऑफ पार्टी है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

उन्होंने आगे कहा कि जब डॉ. मनमोहन सिंह के लिए देश शोक मना रहा था, तब राहुल गांधी वियतनाम 'विश्राम' करने गए थे। हरीश रावत ने कह दिया कि राहुल गांधी वियतनाम 'विश्राम' करने गए थे, लेकिन उन्होंने तुरंत कहा कि नहीं-नहीं 'विश्राम' करने नहीं 'वियतनाम के आर्थिक मॉडल' का अध्ययन करने के लिए गए थे।

भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी ने खुद अपने सात दिन के कार्यक्रम रद्द किए थे। तो क्या राहुल गांधी के लिए 'वियतनाम के आर्थिक मॉडल' का अध्ययन करना कांग्रेस के कार्यक्रमों से ज्यादा जरूरी था। क्या राजकीय शोक से ज्यादा जरूरी था? भाजपा और भाजपा शासित राज्यों ने भी अपने कार्यक्रम रद्द कर दिए थे। क्योंकि हम सम्मान करते हैं। राहुल गांधी और उनके परिवार ने सम्मान पर सियासत की।

कांग्रेस नेता डॉ. मनमोहन सिंह के अस्थि विसर्जन में भी शामिल नहीं हुए। राहुल गांधी ना ही अखंड पाठ में शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने जीते जी डॉ. मनमोहन सिंह बहुत अपमान किया। डॉ. मनमोहन सिंह को इतना परेशान कर दिया था कि वो इस्तीफा देने की ताक पर आ गए थे।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने डॉ. मनमोहन सिंह को भारत रत्न से वंचित रखा, लेकिन अपने परिवार के लोगों को जीते जी दे दिया। कांग्रेस ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर और नरसिम्हा राव को कभी सम्मान देने का काम नहीं किया।

शहजाद पूनावाला ने एक्स पर हरीश रावत का जो वीडियो शेयर किया है उसमें वो कह रहे हैं कि यदि राहुल गांधी वियतनाम 'विश्राम' करने चले गए, मैं समझता हूं कि वह 'विश्राम' करने नहीं गए, 'वियतनाम के आर्थिक मॉडल' का अध्ययन करने के लिए गए थे।

 

Related Articles

Back to top button