मध्यप्रदेश

रील देखकर सीखा फर्जी पेमेंट, ठगी के लिए बना फेक ऐप — बंटी-बबली धर दबोचे गए

देवास
सोशल मीडिया जैसे-जैसे बढ़ रहा है, वैसे ही अपराध करने के नए तरीके भी निकाले जा रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण देवास शहर में देखने को मिला। यहां एक बंटी-बबली की जोड़ी ने मोबाइल पर रील देखकर फर्जी पेमेंट एप के बारे में सीखा और शहर के दो दुकानदारों को चूना लगा दिया। दोनों वारदातें सीसीटीवी में कैद हो गईं, जिसके चलते आखिरकार आरोपित जोड़ी को पकड़ लिया गया। मामले का खुलासा पुलिस कप्तान पुनीत गेहलोद ने बुधवार को पत्रकार वार्ता के दौरान किया। एसपी गेहलोद ने बताया कि 4 नवंबर को कोतवाली क्षेत्र में दिलीप सोनी की नावेल्टी चौराहा स्थित रत्नराज ज्वैलरी दुकान से शाम करीब 6 बजे युवक-युवती ने चांदी की पायल और अंगूठियां खरीदीं। कुल 6700 रुपये का भुगतान संबंधित व्यक्ति ने फोनपे क्यूआर के माध्यम से अपने मोबाइल से करते हुए स्क्रीन शाट दिखाया।
 
इधर दुकानदार को वह भुगतान नहीं मिला, तो संबंधित ने अपना मोबाइल नंबर दिया और कहा कि भुगतान नहीं मिले तो फोन लगा देना। इसके बाद मोटरसाइकिल से युवती-युवती वहां से रवाना हो गए। सोनी ने जब जांच की तो पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी हो गई है। अगले दिन सोनी ने कोतवाली थाने पर मामले की शिकायत की। इस प्रकार की ठगी दोनों युवक-युवती द्वारा नावेल्टी चौराहा स्थित इलेक्ट्रानिक दुकान पर भी कर गए। वहां से 18500 रुपये कीमत का एलईडी टीवी इसी प्रकार का फर्जी पेमेंट कर ले गए।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

कोतवाली टीआई श्यामचंद्र शर्मा ने बताया कि दोनों मामलों में जांच करने पर पता चला कि यह ठग जोड़ी दुकानदारों को फर्जी पेमेंट एप के माध्यम से धोखा देकर फरार हो गई है। इसके बाद पुलिस की टीमों को दुकानों व आसपास के सीसीटीवी कैमरों के साथ मुखबिरों को सक्रिय कर आरोपितों को पकड़ने के काम में लगाया गया।

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान दीपक वर्मा निवासी ग्राम गदईशा पिपलिया जिला देवास और बबली के रूप में हुई। पुलिस ने लगातार आरोपितों की तलाश के बाद आखिरकार राजगढ़ से उन्हें पकड़ने में सफलता हासिल की। दोनों के कब्जे से टीवी और आभूषण जब्त किए गए हैं।

पूछताछ में पता चला कि युवती ने सोशल मीडिया पर रील देखकर फर्जी पेमेंट एप के बारे में जानकारी ली। इसके बाद मोबाइल के प्ले स्टोर से नकली पेमेंट दिखाने वाली एप अपने मोबाइल में डाउनलोड कर लोगों को ठगने लगे। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि इन दोनों ने और कहां-कहां इस प्रकार की ठगी की है। फिलहाल दोनों आरोपितों से पूछताछ की जा रही है।

Related Articles

Back to top button