मध्यप्रदेश

ड्रग इंस्पेक्टर की मिलीभगत से नशीली दवाओं का अवैध व्यापार फल-फूल रहा

ड्रग इंस्पेक्टर की मिलीभगत से नशीली दवाओं का अवैध व्यापार फल-फूल रहा 

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नशे के कारोबार में सरकारी अफसर की संलिप्तता! ड्रग इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप

दवाओं की आड़ में नशे का काला कारोबार, इंस्पेक्टर की भूमिका पर उठे सवाल

भोपाल
राजधानी में दवा दुकानों पर अवैध तरीके से नशीली दवाओं की बिक्री लगातार बढ़ रही है। आरोप है कि यह सब ड्रग इंस्पेक्टरों और केमिस्ट संगठन के पदाधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है।

सूत्रों के अनुसार, भोपाल जिले की करीब 80% मेडिकल दुकानें बिना फार्मासिस्ट के संचालित की जा रही हैं। नियमों के मुताबिक, प्रत्येक मेडिकल स्टोर पर लाइसेंसधारी फार्मासिस्ट का मौजूद होना अनिवार्य है, लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके उलट है।

बरखेड़ी जहाँगीराबाद में छापा

24 अगस्त को बरखेड़ी जांगीराबाद स्थित रवि साहू मेडिकल स्टोर पर छापा मारा गया। जांच में खुलासा हुआ कि यह दुकान कई सालों से बिना लाइसेंस के संचालित हो रही थी। जानकारी में सामने आया कि मात्र तीन महीने पहले इसका लाइसेंस जारी किया गया है, जबकि लंबे समय से यह दुकान विभाग की मिलीभगत से अवैध रूप से चल रही थी। फार्मासिस्ट ने भी स्वीकार किया कि उसका मेडिकल रजिस्ट्रेशन किराए पर दिया गया है।

देर रात तक बिकती नशीली दवाइयाँ

राजधानी की कई मेडिकल दुकानें देर रात 3 से 4 बजे तक खुली रहती हैं और वहां नशीली दवाइयों की खुलेआम बिक्री होती है।

ड्रग इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप

भोपाल में लंबे समय से पदस्थ ड्रग इंस्पेक्टर तबस्सुम पर गंभीर आरोप लगे हैं। कहा जा रहा है कि उनके क्षेत्र में न तो फार्मासिस्ट बैठते हैं और न ही नियमित निरीक्षण होता है। आरोप यह भी है कि वे मेडिकल संचालकों से सांठगांठ करके अवैध वसूली करती हैं।

कार्रवाई की मांग

मेडिकल कारोबारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जा

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