मध्यप्रदेश

इंदौर में फ्री कार व रुपयों का लालच देकर मतांतरण की कोशिश, आर्थिक रूप से कमजोर थे निशाना

 इंदौर
 हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों ने हिंदुओं को क्रिश्चियन बनाने वालों को पकड़ा है। आरोपित ग्रामीण क्षेत्र और पॉश कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मुफ्त शिक्षा, कार और आर्थिक मदद का प्रलोभन देकर मतातंरण के लिए तैयार करते थे।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

हिंदू धर्म के संबंध में भी भ्रामक बातें कर रहे थे। आरोपित कैलाश मसीह शुक्रवार दोपहर स्कीम-78 में रहने वाले कमलेश्वर प्रधान के घर पहुंचा था। उसने कैलाश को क्रिश्चियन धर्म के बारे में भ्रामक बातें बताई और बाइबिल पढ़ने लगा।
मतांतरण का संगठित गिरोह

इसी बीच हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारी मानसिंह राजावत, राजकुमार टेटवाल सहित अन्य लोग पहुंच गए। कैलाश से पूछताछ की तो बताया देवासनाका पर आफिस है। टीम पहुंची तो राफेल पाल और एंजलिश नामक महिला मिली जो मतांतरण का संगठित गिरोह संचालित कर रहे थे।

सूचना मिलने पर पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंच गए। राजावत का आरोप है कि पाल और कैलाश के कार्यालय में कंप्यूटर, सैकड़ों बाइबिल, धार्मिक पर्चे और मतांतरण करने वालों का रिकॉर्ड मिला है।

आरोपित ऐसे लोगों को टारगेट करते हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर रहती है। और ऐसे लोग जो उनके झांसे में आ जाते हैं। पुलिस को कमलेश्वर और सेल्विन उर्फ सन्नी ने शिकायत दर्ज करवाई है।

कुछ साल पहले की थी घर वापसी

कमलेश्वर ने पुलिस को बताया कि वह मूलत: झाबुआ जिले का रहने वाला है। उसके पूर्वजों ने क्रिश्चियन धर्म स्वीकार लिया था, लेकिन उसने कुछ साल पूर्व घर वापसी कर ली। 22 जून को कैलाश उसके पास आया और पता पूछा। इस दौरान उसने चर्चा की और उसके बारे में जानकारी हासिल कर ली।

कॉल कर काउंसलिंग कर रहा था

कैलाश बार-बार कॉल कर क्रिश्चियन धर्म के संबंध में काउंसलिंग करने लगा। शुक्रवार को वह चर्चा के लिए घर आया था। उसने सनातन धर्म के बारे में अफवाह फैलाई। इसी बीच हिंदू संगठन के पदाधिकारी पहुंच गए।

कमलेश्वर के मुताबिक उसके बच्चों को मुफ्त शिक्षा और कार का लालच दिया जा रहा था। पुलिस ने देर रात कैलास मसीह के खिलाफ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया।

Related Articles

Back to top button