मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश के 8 निजी मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटे में फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद बड़ा एक्शन, 48 डॉक्टरों पर FIR होगी

भोपाल

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मध्यप्रदेश के 8 निजी मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटे में फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद बड़ा एक्शन हुआ है। नीट पीजी काउंसलिंग में फर्जी मूल निवासी प्रमाण पत्र से शामिल हुए 48 डॉक्टर्स के खिलाफ काउंसलिंग कमेटी ने भोपाल के अरेरा हिल्स पुलिस थाने में शिकायत दर्ज।

विदिशा मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. अतुल वार्ष्णेय ने इन सभी डॉक्टर्स पर एफआईआर दर्ज कराने का आवेदन दिया है। डॉ. वार्ष्णेय नीट पीजी काउंसलिंग कमेटी के सदस्य हैं। उन्होंने कमेटी अध्यक्ष व डीएमई डॉ. एके श्रीवास्तव के प्रतिनिधि के तौर पर शिकायती आवेदन दिया है।

दरअसल, इन 48 डॉक्टर्स में से 41 को पहले चरण की काउंसलिंग में 8 जनवरी को एनआरआई कोटे की सीटें अलॉट हुई थीं। हालांकि, फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद इन्होंने अब तक आवंटित कॉलेज में प्रवेश नहीं लिया है।

रजिस्ट्रेशन कराने वाले सभी 222 अभ्यर्थियों की जांच की गई काउंसलिंग कमेटी के अध्यक्ष व डीएमई डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि नीट पीजी काउंसलिंग के पहले चरण में एनआरआई कोटे से सीट पाने वाले डॉ. राहुल सिंह ने लिखित में बिना रजिस्ट्रेशन सीट अलॉट होने की शिकायत की थी। इस पर कमेटी ने एनआरआई कोटे में रजिस्ट्रेशन कराने वाले सभी 222 अभ्यर्थियों की जांच की थी।

इनमें से 43 के मप्र मूल निवासी प्रमाण पत्र और दूसरे दस्तावेजों में गड़‌बड़ी मिली है यानी 21% डॉक्टरों के दस्तावेज फर्जी हैं।

21 जनवरी तक स्पष्टीकरण देना होगा, नहीं तो रजिस्ट्रेशन रद्द होगा डीएमई श्रीवास्तव ने बताया कि ये सभी 48 उम्मीदवार अपने दस्तावेजों के साथ भोपाल के सतपुड़ा भवन स्थित दफ्तर में पक्ष रख सकते हैं। तय समय में दस्तावेजों के साथ स्पष्टीकरण सबमिट नहीं करने पर संबंधित डॉक्टर का काउंसलिंग रजिस्ट्रेशन 21 जनवरी को शाम 5 बजे के बाद रद्द कर दिया जाएगा। साथ ही उसे नीट पीजी काउंसलिंग के लिए डी-बार कर दिया जाएगा।

सेकंड काउंसलिंग के अलॉटमेंट से पहले दो और डॉक्टर पकड़ाए डीएमई श्रीवास्तव के अनुसार, एनआरआई कोटे की सेकेंड राउंड काउंसलिंग के लिए 111 डॉक्टर्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें से 2 उम्मीदवारों के मूल निवासी प्रमाण पत्र शुरुआती जांच में फर्जी निकले हैं। इनकी भी शिकायत कराई गई है।

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