मध्यप्रदेश

इंदौर : रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी में उमड़ा भक्तों का सैलाब, दूसरे शहरों से भी पहुंचे लोग

इंदौर

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इंदौर में बाबा रणजीत हनुमान का स्वर्ण रथ सुबह करीब 11.15 बजे मंदिर परिसर पहुंचा। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित दीपेश व्यास​ का दावा है कि​​​​​​ सोमवार सुबह 5 बजे निकली बाबा रणजीत का प्रभात फेरी में 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु शामिल हुए।

बाबा का शहरभर में 200 से ज्यादा मंचों पर स्वागत हुआ। भक्त नाचते-गाते जय रणजीत के जयघोष लगाते हुए आगे बढ़े। प्रभात फेरी में ​​​​​​बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक बाबा का आशीर्वाद लेने पहुंचे।

मंदिर से जुड़े भक्त मंडल के सदस्यों के अनुसार इस यात्रा के शुरुआती वर्ष में पुजारी और कुछ भक्त भगवान की तस्वीर हाथ में लेकर परिक्रमा लगाते थे। इसके बाद 1985 से प्रभातफेरी ठेले पर निकालना शुरू की गई। उस दौरान महूनाका चौराहा तक यात्रा निकाली जाती थी।

2015 में पहली बार रथ पर प्रभातफेरी निकाली गई

इसके बाद 2008 में बग्घी पर यात्रा निकाली गई। फिर भक्तों ने बाबा के लिए रथ बनाने का संकल्प लिया और 2015 में पहली बार रथ पर प्रभातफेरी निकाली गई, तब तक भक्तों की संख्या सामान्य थी, लेकिन 2016 में अचानक संख्या कई गुना बढ़ी और 50 हजार से ज्यादा भक्त प्रभातफेरी में शामिल हुए।

आसपास के शहरों के भक्त भी आते हैं

इसके बाद से भक्तों की संख्या में हर साल वृद्धि हो रही है। मुख्य पुजारी दीपेश व्यास बताते हैं कि अब बाबा की प्रभातफेरी की पहचान देशभर में है। शहर के साथ ही आसपास के शहरों से भी भक्त इसमें शामिल होने आते हैं। मार्ग में रहने वाले लोगों के यहां उनके नाते-रिश्तेदार यात्रा के एक-दो दिन पहले आ जाते हैं ताकि प्रभातफेरी में शामिल हो सकें।

पूरे मार्ग को भगवा ध्वजा से सजाया

रणजीत हनुमान मंदिर से सुबह पांच बजे निकाली जा रही प्रभातफेरी में झांकियां, भजन मंडलों के वाहन, बग्घी, रथ शामिल हैं। इन्हें क्रमबद्ध करने में रविवार रात 10 बजे से मंडल के सदस्य जुट गए थे। पूरे मार्ग को भगवा ध्वजा से सजाया गया है। प्रभातफेरी महूनाका, अन्नपूर्णा मंदिर, नरेंद्र तिवारी मार्ग से मंदिर आएगी।

प्रभातफेरी के बाद रक्षा सूत्रों का वितरण

रणजीत अष्टमी महोत्सव के तीसरे दिन रविवार को बाबा का महाभिषेक सैकड़ों भक्तों की मौजूदगी में हवन-पूजन के बाद विभिन्न औषधियों और द्रव्यों से किया गया। इसके बाद भगवान का शृंगार हुआ।

इस अवसर पर विधि-विधान से सवा लाख रक्षा सूत्रों को अभिमंत्रित किया गया। इन रक्षा सूत्रों को प्रभातफेरी के बाद मंदिर से निश्शुल्क वितरित किया जाएगा।

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