मध्यप्रदेश

एमपी में झमाझम बारिश ने भरे धान के खेत, किसानों के चेहरे पर खुशी

रायसेन
जिले में धान के किसानों की हालत कभी खुशी कभी गम की तरह हो रही है। जब आसमान में बादल घिरते हैं और कुछ बूंदें गिरती तो उनकी उम्मीदें जाग जाती हैं, लेकिन जहां धूप निकलती है तो किसान निराश हो जाते हैं। जिले में लगभग चार लाख हैक्टेयर में धान की फसलें खड़ी हैं। जिन्हे पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। हालांकि बरेली, बाड़ी क्षेत्र में बारना बांध फसलों के लिए सहारा बन रहा है, जिससे नहरों के जरिए खेतों तक पानी पहुंचाया जा रहा है। जहां बारना की नहर नहीं हैं, उन किसानों को मंगलवार-बुधवार को बारिश होने से राहत मिली है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

बारना डैम फुल, सिंचाई की चिंता खत्म
बारना एसडीओ देवराज मिश्रा ने बताया कि बारना से इन निकलने वाली नहरों की कुल लंबाई 569.21 किलोमीटर है, जिसके माध्यम से कुल 242 गांवों के 30134 किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पानी मिलता है। 72 हजार हैक्टेयर की फसल के लिए वर्तमान में बारना डेम में 348.55 मीटर पानी है। उन्होंने कहा कि रबी और खरीफ के लिए बारना डेम में पर्याप्त मात्रा में पानी है। खरीफ फसल के लिए वर्तमान में 20 हजार हैक्टेयर की फसलों के लिए नहरों के माध्यम से पानी दिया जा रहा है। मौसम को देखते हुए एवं किसानों की मांग अनुसार पानी छोड़ा जा रहा है। आगे भी जरूरत के अनुसार पानी की मात्रा और बढ़ाई जा सकती है।
 
वहींरायसेन के देवरी क्षेत्र में लगभग 15 दिनों से बारिश का किसान बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, बुधवार 13 अगस्त को मानसून एक बार फिर लौटा और रिमझिम बारिश शुरू हो गई। दिनभर बारिश का दौर जारी रही। जिससे किसानों के चेहरे खिल गए। फसल में अच्छा पानी मिल गया। किसानों का कहना है कि यह बारिश फसल के लिए अमृत के समान है, इस समय हमारी फसल को पर्याप्त पानी की अति आवश्यकता है, बारिश नहीं होने से फसलों पर खतरा मंडरा रहा था।

Related Articles

Back to top button