मध्यप्रदेश

सोमवार को जिले के सभी स्कूलों की छुट्टी घोषित, कावड़ यात्रा के चलते लिया फैसला

 जबलपुर
जबलपुर से गुजरने वाली कावड़ यात्रा को मद्देनदजर रखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से 21 जुलाई सोमवार को सभी स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा ये आदेश सभी शासकीय, निजी सीबीएसई, आईसीएसई सभी स्कूलों पर लागू होगा। जबलपुर जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी करते हुए कहा कि, 21 जुलाई को जबलपुर में निकलने वाली कावड़ यात्रा में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए अवकाश घोषित किया गया है।

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कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कावड़ यात्रा के दिन भारी संख्या में श्रद्धालुओं के सड़क पर आने की वजह से शहर के कई मार्गों पर जाम लग जाता है, ऐसी स्थिति में स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। घंटों स्कूली बच्चे और उनके परिजन ट्रैफिक में फंसना पड़ता है, लिहाजा 21 जुलाई को असुविधा से बचने के लिए सभी स्कूलों की छुट्टी घोषित की जाती है।

नर्मदा का जल लेकर पैदल यात्रा करते हैं श्रद्धालु

आपको ये भी बता दें कि, जबलपुर में कांवड़ यात्रा के दिन लाखों श्रद्धालु नर्मदा से जल लेकर करीब 35 किलोमीटर की यात्रा पैदल तय करते हुए खमरिया घाना स्थित शिवालय पहुंचते हैं। वहीं, पर नर्मदा जल अर्पित कर कर बाबा भोले की पूजा अर्चना करते हैं।

पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर, हाईवे पर रूट डायवर्जन

सावन के दूसरे सोमवार और आगामी शिवरात्रि पर्व को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। नेशनल हाईवे समेत कई प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान कोई भी अव्यवस्था न हो।

जनता से सहयोग की अपील

प्रशासन ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि शिवभक्तों की आस्था और सुरक्षा दोनों प्राथमिकता में हैं, इसलिए आम नागरिक भी रूट डायवर्जन और सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करें। स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी से छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को होने वाली असुविधा को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही सूचना जारी कर दी है।

यात्रा चरम पर, प्रशासन की बड़ी चुनौती

हर साल की तरह इस बार भी अमरोहा में कांवड़ यात्रा का प्रभाव साफ नजर आ रहा है। बड़ी संख्या में शिवभक्तों के आने-जाने से जहां आस्था का माहौल है, वहीं ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी का निर्णय इस चुनौती को कम करने की दिशा में उठाया गया अहम कदम माना जा रहा है।

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