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केंद्रीय वित्त मंत्रालय और अन्य बाजार नियामकों के साथ मिलकर केवाईसी सिस्टम को किया जा रहा केंद्रीकृत

नई दिल्ली

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बाजार नियामक संस्था सेबी, केंद्रीय वित्त मंत्रालय और अन्य बाजार नियामकों के साथ मिलकर केवाईसी सिस्टम को केंद्रीकृत करने की दिशा में काम कर रहा है। सेबी अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने यह जानकारी दी। केंद्रीय KYC एक ऑनलाइन डेटाबेस है जो ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को केंद्रीकृत तरीके से रखता है, जिसका उद्देश्य वित्तीय संस्थानों में अनुपालन को आसान करना है।

जल्द पूरा होने की उम्मीद
सेबी अध्यक्ष ने बताया कि केंद्रीकृत केवाईसी सिस्टम बनाने के लिए काम कर रही समिति की अध्यक्षता वित्त सचिव कर रहे हैं और प्रक्रिया को तेज करने की कोशिश हो रही है। हालांकि उन्होंने इसकी कोई समयसीमा तय नहीं की, लेकिन कहा कि ये जल्द हो जाना चाहिए। उन्होंने केंद्रीकृत केवाईसी सिस्टम की खूबी बताते हुए कहा कि यह व्यवस्था बहुत प्रभावी रहेगी, जहां एक जगह केवाईसी होगी और वो सभी जगह अपने आप हो जाएगी। तुहिन कांत पांडे ने यह सिर्फ ऐसा नहीं है कि केवाईसी अपलोड हो जाएगी, बल्कि इसकी वैधता की पूरी जांच होगी।

वित्त मंत्री ने बजट भाषण में किया था एलान
गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में घोषणा की कि 2025 में एक नया, संशोधित केंद्रीय अपने ग्राहक को जानो (KYC) रजिस्ट्री शुरू की जाएगी। इसके बाद, अप्रैल में, वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने केंद्रीय KYC रिकॉर्ड रजिस्ट्री के पुनर्गठन पर चर्चा करने और वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच की सुविधा के लिए KYC अनुपालन से संबंधित प्रमुख मुद्दों को संबोधित करने के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। पांडे ने बताया कि अनधिकृत सलाहकार सेवाओं का पता लगाने के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म की निरंतर निगरानी की जा रही है। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के साथ सहयोग के माध्यम से, सेबी ने 70,000 से अधिक धोखाधड़ी वाले निवेश हैंडल और भ्रामक पोस्ट को सफलतापूर्वक हटाया है। उन्होंने एआई के अंतर्निहित जोखिमों के बारे में भी चेतावनी दी।

 

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