मध्यप्रदेश

श्रम स्टाट रेटिंग की परिकल्पना के साथ श्रम सुरक्षा प्रावधानों का होगा बेहतर परिपालन

श्रम स्टाट रेटिंग की परिकल्पना के साथ श्रम सुरक्षा प्रावधानों का होगा बेहतर परिपालन

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

श्रम स्टाट रेटिंग की परिकल्पना, सुरक्षा प्रावधानों के अनुपालन को मिलेगी मजबूती

कर्मचारी सुरक्षा पर फोकस, श्रम स्टाट रेटिंग से बढ़ेगा नियमों का पालन

भोपाल

राज्य के उद्योग तथा व्यवसायों के लिए श्रम कानूनों के प्रमुख प्रावधानों एवं औद्योगिक स्वास्थ्य व सुरक्षा संबंधी प्रावधानों के परिपालन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन करने वाले प्रबंधन हेतु श्रम स्टार रेटिंग की परिकल्पना की गई है। गत दिवस राज्य के उद्योग तथा व्यवसायों के प्रतिष्ठित संगठनों तथा प्रबंधकों से वीडियों कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस संबंध में चर्चा की गयी। श्रम विभाग के सचिव रघुराम एम राजेन्द्रन ने इस अवसर पर कहा कि सभी के सहयोग से श्रम सुरक्षा प्रावधानों का बेहतर परिपालन किया जायेगा।

चर्चा के प्रारंभ में सचिव श्रम राजेन्द्रन द्वारा प्रस्ताव की प्रारंभिक रूप रेखा प्रस्तुत की और श्रम आयुक्त ने इसकी आवश्यकता और उपयोगिता पर प्रकाश डाला। श्रम स्टार रेटिंग की प्रस्तुति अपर श्रम आयुक्त प्रभात दुबे द्वारा की गयी।

इस दौरान विभिन्न संगठनों तथा प्रबंधकों द्वारा एकमत से इस प्रस्ताव की सराहना करते हुए महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किये। कहा गया कि सेल्फ असेसमेंट की प्रणाली में स्व-प्रबंधन को प्रस्तावित वेटेज अधिक प्रतीत होता है। यह प्रणाली अधिक युक्तियुक्त होना चाहिये। महिला सहभागिता के संबंध में उद्योग-वार पृथक-पृथक मापदण्ड होना चाहिए। कई उद्योगों में महिलाएँ अधिक और कहीं अत्यन्त न्यून हैं अतः इसके अनुरूप वेटेज होना चाहिए। दिव्यांग श्रमिकों की नियुक्ति पर भी वेटेज हो। रेटिंग के घटक उद्योगों की श्रेणी (वृहद/मध्यम/लघु/सूक्ष्म/खतरनाक/ गैर खतरनाक आदि), श्रमिक संख्या तथा उत्पादों की प्रकृति आदि के अनुसार तय होना चाहिए। वेटेज भी उद्योग/ व्यवसाय की प्रकृति के अनुसार हो।

लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों हेतु यह अनिवार्य नहीं होना चाहिए। स्वतंत्र इम्पेनल्ड एजेंसियों का चयन उद्योगों तथा विभाग की सहमति से तय किया जाना उचित होगा। उच्च रेटिंग के आधार पर शासकीय क्रय में प्राथमिकता तथा शासन से सब्सिडी और अन्य इन्सेंटिव मिलना चाहिए। श्रम कानूनों के किन प्रावधानों को सम्मिलित किया जायेगा, यह स्पष्ट होना चाहिए। अन्य प्रस्तावित मापदण्डों में भी सुस्पष्ट विवरण हो। रेटिंग जारी होने के बाद प्रभावशील होने की समय-सीमा नियत हो और रेटिंग कितनी समय अवधि में होगी इसकी फ्रीक्वेंसी तय हो। समस्त प्रणाली पारदर्शी हो तथा ऑन लाइन हो और अंतिम रूप दिये जाने के पूर्व नियमित रूप से स्टेक होल्डर्स से चर्चा की जावे।

सचिव श्रम ने प्राप्त सुझावों पर विचार करने तथा नियमित चर्चा किये जाने हेतु आश्वस्त करते हुए स्पष्ट किया कि इसके पश्चात ही अंतिम योजना जारी की जायेगी। सुझाव e mail id – commlab@nic.in पर भेजे जा सकते हैं। साथ ही व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का भी सुझाव दिया। उन्होंने योजना प्रारंभ करने आगामी 02 अक्टूबर, 2025 का लक्ष्य प्रस्तावित किया। उन्होंने जिलों में होने वाले युवा संगम, प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) तथा दुर्घटना रहित दिवस संबंधी योजनाओं की जानकारी देते हुए इनसे जुडने का आग्रह किया। उन्होंने Reducing the compliance burden, Decriminalization and Ease of Doing Business के प्रयासों की जानकारी देने और अन्य कार्यक्रम, योजनाओं की जानकारी ग्रुप पर देने का सुझाव दिया।

श्रम आयुक्त् द्वारा सभी से ठेका श्रमिकों को निर्धारित वेतन, समय पर वेतन भुगतान तथा अन्य हितलाभ जैसे ईएसआइ तथा पीएफ आदि प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने ‘’एक पेड मां के नाम’’अभियान में भागीदारी का भी आग्रह किया।

चर्चा में सचिव श्रम रघुराज एम. राजेन्द्रन, श्रम आयुक्त श्रीमती रजनी सिंह, विभागीय अधिकारी तथा राज्य के विभिन्न क्षेत्र के वृहद, मध्यम तथा लघु उद्योगों के विभिन्न प्रतिष्ठित औद्योगिक संगठन जैसे एसोसिएशन ऑफ इण्डस्ट्रीज, पीथमपुर, इंदौर, देवास, मालनपुर, ग्वालियर,सी.आइ.आइ., मध्यप्रदेश एसोसिएशन ऑफ टेक्सटाइल मिल्स आदि के पदाधिकारी तथा विभिन्न उद्योग तथा व्यवसायों के वरिष्ठ प्रबंधक शामिल हुए।

 

Related Articles

Back to top button