मध्यप्रदेश

देश भर के निजी और सरकारी मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों के प्रवेश नियमों में एकरूपता लाने के लिए बदले कई नियम

भोपाल
देश भर के निजी और सरकारी मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों के प्रवेश नियमों में एकरूपता लाने के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) पहली बार रेगुलेशन तैयार कर रहा है। इसमें काउंसलिंग के मूलभूत नियमों को शामिल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राज्य सरकारें आवश्यकता के अनुसार अपने नियम लागू कर सकेंगी। इसमें सबसे बड़ा बदलाव यह किया जा रहा है कि प्रवेश प्रक्रिया में भाग लेने के लिए सिर्फ एक बार ही पंजीयन का अवसर दिया जाएगा।
 
अब नहीं मिलेगा दूसरी बार पंजीयन का अवसर
मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में अभी तक दो चरण की काउंसलिंग पूरी होने के बाद मापअप चरण के पहले भी एक बार पंजीयन का अवसर दिया जाता था। इसमें वह अभ्यर्थी शामिल होते थे जो किसी कारण से शुरुआत में पंजीयन नहीं करा पाए हों। इसका लाभ यह होगा कि आवंटित होने के बाद दस्तावेज पर्याप्त नहीं होने के कारण सीटें रिक्त नहीं रह जाएंगी। एनएमसी ने सभी राज्यों के साथ बैठक कर सुझाव के लिए ड्राफ्ट राज्यों को भेजा है।

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पंजीयन के बाद पहले दस्तावेजों का परीक्षण
दूसरा बदलाव यह प्रस्तावित है कि पंजीयन के बाद पहले दस्तावेजों का परीक्षण किया जाएगा। अभी सीट आवंटित होने के बाद किया जाता है। अभी दस्तावेज पूरे नहीं होने पर रिक्त होने वाली सीटों को भरने के लिए दूसरे अभ्यर्थियों को मौका देने के संबंध में प्रवेश प्रक्रिया करनी पड़ती है। निजी कॉलेजों में एनआरआइ सीटों की काउंसलिंग आल इंडिया कोटे की सीटों के साथ अब सेंट्रल काउंसलिंग कमेटी कराएगी।

पांच जुलाई से काउंसलिंग शुरू करने की तैयारी
प्रवेश प्रक्रिया में एकरूपता होने का एक लाभ यह भी होगा कि मेडिकल कॉलेजों में सीटें रिक्त नहीं रहेंगी। सत्र 2024-25 के लिए ऑल इंडिया कोटे की सीटों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग पांच जुलाई से शुरू करने की तैयारी है। यह निर्धारित समय पर शुरू हो गई तो स्टेट कोटे की सीटों के लिए काउंसलिंग 15 जुलाई के आसपास शुरू हो सकती है।

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