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मणिपुर में जातीय संघर्ष की दूसरी बरसी से पहले एहतियात के तौर पर पूरे राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी

इंफाल
मणिपुर में जातीय संघर्ष की दूसरी बरसी से पहले एहतियात के तौर पर पूरे राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। मणिपुर में तीन मई 2023 से जातीय संघर्ष भड़क उठे थे। पुलिस ने असामाजिक तत्वों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए इंफाल, चुराचांदपुर और कांगपोकपी जिला मुख्यालयों में प्रमुख स्थानों पर तलाशी और वाहनों की जांच तेज कर दी है। इंफाल के खुमान लांपक और उसके आसपास भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जहां ‘मणिपुर पीपुल्स कन्वेंशन’ होने वाला है। अधिकारियों ने बताया कि कंगला गेट के सामने केंद्रीय बलों को तैनात किया गया है। एक अधिकारी ने बताया, ‘राज्य में असामाजिक तत्वों की किसी भी अवांछित गतिविधि को रोकने के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाया गया है, खासकर शनिवार को।’

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मेइती समुदाय के संगठन ‘मणिपुर अखंडता समन्वय समिति’ (सीओसीओएमआई) ने जनता से तीन मई को सभी गतिविधियां स्थगित कर सम्मेलन में भाग लेने का आह्वान किया है। स्वयंसेवकों ने सार्वजनिक संबोधन प्रणालियों का उपयोग कर नागरिकों को पिछले दो वर्षों में हुई हिंसा की याद दिलाई तथा राज्य की क्षेत्रीय और प्रशासनिक अखंडता के प्रति कथित खतरे को उजागर किया। कुकी छात्र संगठन (केएसओ) और ज़ोमी छात्र संघ (जेडएसएफ) ने भी तीन मई को सभी कुकी बहुल क्षेत्रों में बंद का आह्वान किया है। एक संयुक्त बयान में छात्र संगठनों ने कहा, ‘तीन मई को जातीय हिंसा शुरू होने के दो वर्ष पूरे हो गए हैं। इस दिन सभी शैक्षणिक संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद रखा जाए।’

उन्होंने लोगों से शोक स्वरूप अपने घरों पर काले झंडे फहराने का भी आह्वान किया। मई 2023 से मेइती और आसपास के पहाड़ों पर रहने वाले कुकी-जो समूहों के बीच जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। एक अलग घटनाक्रम में पुलिस अभियान में प्रतिबंधित संगठन ‘यूएनएलएफ’ (कोइरेंग गुट) के दो सक्रिय सदस्यों को इंफाल पश्चिम जिले के उत्तरी एओसी से गिरफ्तार किया गया। उनकी पहचान हुइड्रोम पिशाक (35) और हंगलेम थोइबा मेइती के रूप में की गई है। उनके पास से दो कारतूसों से भरी 9 एमएम की पिस्तौल बरामद की गई है।

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