मध्यप्रदेश

मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक लेकर आगामी कार्ययोजना पर दिए विस्तृत निर्देश

सीपीपीपी मॉडल के माध्यम से सहकारिता संस्थाओं को व्यवसायिक रूप से सशक्त बनाने के निर्देश
माह के अंत तक शत-प्रतिशत पैक्स को ई-पैक्स में परिवर्तित करने पर विशेष जोर

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भोपाल
सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को अपेक्स बैंक में सहकारिता विभाग के संभागों में पदस्थ संयुक्त आयुक्तों एवं जिलों में पदस्थ उप एवं सहायक आयुक्तों की विस्तृत समीक्षा करते हुए विभाग की वर्तमान स्थिति, प्रगति एवं आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता श्री डी.पी. आहूजा, आयुक्त सहकारिता श्री मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक (उपभोक्ता संघ) श्री ऋतुराज रंजन, प्रबंध संचालक (बीज संघ) श्री महेंद्र दीक्षित, प्रबंध संचालक (अपेक्स बैंक) श्री मनोज गुप्ता सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

ई-पैक्स एवं पोर्टल आधारित अंकेक्षण की गहन समीक्षा
बैठक के दौरान ई-पैक्स / पोर्टल आधारित अंकेक्षण, अंकेक्षण की वर्तमान प्रगति, पैक्स पुनर्गठन, सहकारी संस्थाओं की वित्तीय स्थिति एवं प्रशासनिक सुधार जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री श्री सारंग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि माह के अंत तक प्रदेश की सभी पैक्स को शत-प्रतिशत ई-पैक्स में परिवर्तित किया जाए। उन्होंने कहा कि ई-पैक्स व्यवस्था से पारदर्शिता और गति आएगी तथा किसानों एवं सदस्यों को समयबद्ध सेवाएँ उपलब्ध होंगी। जिलों में आई.टी. सेल, नवाचार सेल एवं सीपीपीपी सेल के गठन को लेकर उन्होंने निर्देश दिये कि ये सभी विशेष प्रकोष्ठ अत्यंत सक्रिय रहें, इनके कार्यों की पाक्षिक समीक्षा की जाए तथा रिपोर्ट उच्च स्तर पर प्रस्तुत की जाए, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में निरंतर निगरानी बनी रहे।

सीपीपीपी मॉडल पर करें ठोस और परिणामोन्मुख कार्य
मंत्री श्री सारंग ने कहा कि समस्त मैदानी अधिकारी सीपीपीपी मॉडल को व्यवहार में लाकर सहकारिता संस्थाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और व्यवसायिक रूप से सक्षम बनाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि संयुक्त आयुक्त संभाग स्तर पर प्रतिष्ठित एवं सफल व्यवसायियों के साथ बैठकें आयोजित करें तथा सीपीपीपी मॉडल के अंतर्गत ओडीओपी (एक जिला–एक उत्पाद) के चयनित उत्पादों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी संयुक्त आयुक्त पैक्स के साथ-साथ जिला सहकारी संघों, जिला थोक भंडारों, मार्केटिंग सोसायटियों एवं नवाचार के अंतर्गत गठित सहकारी संस्थाओं को सक्रिय करने के लिए स्पष्ट, समयबद्ध एवं व्यावहारिक कार्य योजनाएँ तैयार करें।

ई-पैक्स के सफल क्रियान्वयन हेतु मानव संसाधन पर विशेष ध्यान
मंत्री श्री सारंग ने कहा कि ई-पैक्स के प्रभावी एवं सुचारू क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त, प्रशिक्षित एवं तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलों में कंप्यूटर दक्ष कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मानव संसाधन की कमी को शीघ्र दूर किया जाए। आवश्यक पदों पर भर्ती प्रक्रिया एमपी ऑनलाइन के माध्यम से प्रारंभ की जाए। नियुक्त कर्मचारियों को ई-पैक्स प्रणाली का समुचित प्रशिक्षण दिया जाए।

सहकारिता को डिजिटल और नवाचारी स्वरूप देने का संकल्प
मंत्री श्री सारंग ने कहा कि सहकारिता विभाग को डिजिटल, नवाचारी एवं पारदर्शी व्यवस्था के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन लक्ष्य आधारित, समयबद्ध एवं परिणामोन्मुख तरीके से किया जाए, ताकि सहकारिता संस्थाएँ सशक्त हों और किसानों, उपभोक्ताओं तथा आम नागरिकों को इसका प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो।

 

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