भारत

मोदी सरकार को ‘रोबोट टैक्स’ लगाना चाहिए, संघ ने सहयोगी संस्थाओं ने की मांग, बजट 2024 से किया बड़ा डिमांड

नई दिल्ली
23 जुलाई को मोदी सरकार (Modi Sarkar 3.0) के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया जाएगा। सरकार को लगातार समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले समूहों की तरफ से सलाह दी जा रही है। संघ (RSS) की सहयोगी संस्था स्वदेशी जागरण मंच मे भी बजट को लेकर मांगे की हैं। स्वेदशी जागरण मंच ने ‘रोबोट टैक्स’ लगाने की मांग की है।

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क्या है रोबोट टैक्स?
स्वदेशी जागरण मंच ने कहा है कि मोदी सरकार को ‘रोबोट टैक्स’ लगाना चाहिए। उनका कहना है कि इस टैक्स से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण नौकरी गंवाने वाले लोगों को भत्ता दिया जाए। स्वेदीश जागरण मंच ने कहा है कि सरकार को ज्यादा रोजगार प्रदान करने वाली इंडस्ट्रीज को टैक्स में रियायत देनी चाहिए। स्वेदेशी जागरण मंच के सह संयोजक अश्विनी महाजन ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ पिछले महीने हुई बातचीत में हिस्सा लिया था। उन्होंने द हिंदू के साथ बातचीत में कहा है कि हम किसी भी AI सहित नई टेक्नोलॉजी को अपनाने के विरोधी नहीं है। लेकिन इसकी वजह से रोजगार जाएंगे। ‘रोबोट टैक्स’ के जरिए इकट्ठा किए फंड का उपयोग ऐसे कर्मचारियों की योग्यता को और बेहतर बनाने के लिए किया जाए। जिससे वो नई टेक्नोलॉजी को अपना सकें। उन्होंने कहा कि इस तरह के टैक्स को लेकर कई देशों में चर्चा है।

गाय पर शोध के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय की मांग
स्वेदेशी जागरण मंच और संघ की सहयोगी संस्था भारतीय किसान संघ ने भारत सरकार से किसान सम्मान निधि योजना में इजाफा का अनुरोध किया है। साथ ही एक गाय पर शोध के लिए एक केंद्रीय विश्वविद्यालय की मांग की है। संघ की सहयोगी संस्थाओं ने खेती किसानी के उपयोग में आने वाले सामानों को टैक्स फ्री करने की भी मांग की है। अब देखने है कि सरकार के बजट पिटारे से क्या-क्या निकलता है।

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