मध्यप्रदेश

बलिदानी विक्की पहाड़े के परिजनों को 1 करोड़ रुपये और पत्‍नी को नौकरी देगी मोहन सरकार

छिंदवाड़ा

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

जम्मू कश्मीर के पुंछ में आतंकी हमले में शहीद हुए एयरफोर्स के जवान विक्की पहाड़े का आज गृह ग्राम नोनिया करबल (छिंदवाड़ा) में अंतिम संस्कार होगा। सेना के हेलिकॉप्टर से उनका पार्थिव शरीर नागपुर से सुबह 10.30 बजे इमलीखेड़ा हवाई पट्‌टी (छिंदवाड़ा) लाया गया। गार्ड ऑफ ऑनर देने के बाद विशेष वाहन से पार्थिव शरी को परासिया रोड से नोरिया करबल ले जाया जा रहा है।

जम्मू कश्मीर के पुंछ में आतंकी हमले में शहीद हुए एयरफोर्स के जवान विक्की पहाड़े का आज गृह ग्राम नोनिया करबल (छिंदवाड़ा) में अंतिम संस्कार होगा। सेना के हेलिकॉप्टर से उनका पार्थिव शरीर नागपुर से सुबह 10.30 बजे इमलीखेड़ा हवाई पट्‌टी (छिंदवाड़ा) लाया गया। गार्ड ऑफ ऑनर देने के बाद विशेष वाहन से पार्थिव शरी को परासिया रोड से नोरिया करबल ले जाया जा रहा है।

भारतीय वायु सेना के कॉर्पोरल विक्की पहाड़े के परिवार को राज्‍य सरकार द्वारा 1 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही उनकी पत्‍नी को नौकरी भी दी जाएगी। बता दें कि 3 मई को पुंछ में आतंकियों द्वारा भारतीय वायु सेना के वाहन काफिले पर हमला कर दिया था, जिसमें कॉर्पोरल विक्‍की पहाड़े बलिदान हो गए थे। वहीं सीएम मोहन यादव आज छिंदवाड़ा में विक्की पहाड़े को श्रद्धांजलि देंगे और उनके परिवार से मिलेंगे।

शनिवार को पुंछ में आतंकी हमले में गोलियां लगने के बाद विक्की पहाड़ो को उधमपुर के अस्पताल में एडमिट कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिवार के लोगों ने मीडिया से बताया, 'हम लोग इंतजार कर रहे थे कि वह वापस लौटें तो बर्थडे पार्टी की जाए। उनके बेटे का जन्मदिन 7 जून को है। क्या से क्या हो गया। अब हम उनकी ही अर्थी उठाने की तैयारी में हैं। पूरा परिवार इससे सदमे में हैं। किसी को यकीन नहीं था कि ऐसा कुछ हो जाएगा।' पहाड़े का शव सोमवार को सुबह ही छिंदवाड़ा पहुंचा। 

तीन बहनों के बीच अकेले भाई विक्की पहाड़े कुछ दिन पहले ही छु्ट्टी पर आए थे। इस दौरान उनकी एक बहन की शादी थी। पहाड़े 2011 में वायुसेना में भर्ती हुए थे। यह उनके पिता दिमक का सपना था कि वह एयरफोर्स में जाएं। उनके एक परिजन ने बताया, 'विक्की के पिता की मौत तभी हो गई थी, जब वह बहुत छोटे थे। इसलिए उन्होंने जिंदगी में बहुत मेहनत की ताकि पिता का सपना साकार हो सके। उन्होंने सेना में जाने के लिए खूब पढ़ाई की थी।' उनके एक चचेरे भाई ने बताया कि सालों के संघर्ष के बाद पूरा परिवार अब सेटल हो गया था। तीनों बहनों की शादी हो गई थी। सभी खुशहाल थे, लेकिन इस बीच यह घटना हो गई। अब हर कोई टूट गया है। विक्की की मां और बहन सदमे में हैं। 

वायुसेना ने जताया दुख, लिखा- दुख की घड़ी में साख खड़े हैं

विक्की पहाड़े की शहादत को एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी समेत पूरी वायुसेना ने नमन किया है। वायुसेना की ओर से ट्वीट किया गया है, 'एयरचीफ मार्शल वीआर चौधरी और एयरफोर्स के अन्य सभी साथी कॉर्पोरल विक्की पहाड़े की शहादत को नमन करते हैं। उन्होंने देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया। हमारी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। इस दुख की घड़ी में हम पूरी तत्परता से उनके साथ खड़े हैं।'

Related Articles

Back to top button