भारत

चारधाम परियोजना का करीब 75 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ :केंद्र ने न्यायालय से कहा

नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि सामरिक रूप से अहम उत्तराखंड की चारधाम परियोजना के तहत आवंटित ठेके का करीब 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके तहत चीन तक साल भर तक यातायात के लिए उपलब्ध सड़क बनाई जा रही है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

सामरिक रूप से अहम 900 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना का उद्देश्य उत्तराखंड के चार पवित्र धामों यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ को साल पर चालू रहने वाली सड़कों से जोड़ना है।

केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने न्यायमूर्ति सी.टी.रविकुमार और न्यायमूर्ति उज्ज्ल भुइयां की पीठ को बताया कि शीर्ष अदालत द्वारा गठित निगरानी समिति ने उच्चतम न्यायालय को दो रिपोर्ट दाखिल की हैं।

भाटी के मुताबिक शीर्ष अदालत ने उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए के सीकरी की अध्यक्षता में निगरानी समिति बनाई है।

भाटी ने अगस्त 2024 में जमा समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, ‘‘आवंटित कार्य का लगभग 75 प्रतिशत पूरा हो चुका है।’’ उन्होंने कहा कि प्रस्तावित परियोजना से संबंधित दो रिपोर्ट हैं – एक अप्रैल, 2024 की और दूसरी 27 अगस्त की।

पीठ ने कहा कि समिति की रिपोर्ट रिकॉर्ड पर दर्ज की जाएगी।

उच्चतम न्यायालय ने दिसंबर 2021 में चारधाम राजमार्ग परियोजना के तहत दो लेन तक सड़क के चौड़ीकरण की अनुमति दी थी और साथ ही सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में निगरानी समिति का गठन किया था।

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि परियोजना से संबंधित पर्यावरणीय चिंताओं को दूर करने के लिए गठित समिति नया पर्यावरण मूल्यांकन नहीं करेगी।

समिति को रक्षा, सड़क परिवहन और पर्यावरण मंत्रालयों, उत्तराखंड सरकार और संबंधित जिलाधिकारियों की ओर से भी पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया गया।

चारधाम परियोजना की घोषणा दिसंबर 2016 में की गई थी। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों को चौड़ा करना है ताकि सुरक्षित, सुगम और तेज यातायात सुनिश्चित हो सके।

 

 

 

Related Articles

Back to top button