मध्यप्रदेश

एक बार फिर परीक्षा में लापरवाही सामने आई, सेकंड ईयर के पेपर में पूछ लिए फर्स्ट ईयर के सवाल

जबलपुर
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में बुधवार को एक बार फिर परीक्षा में लापरवाही सामने आई। विश्वविद्यालय ने द्वितीय वर्ष की परीक्षा में सवाल पहले वर्ष के पूछ डाले। परीक्षा के दौरान जब परीक्षार्थियों ने गौर से पेपर के प्रश्न पढ़े तो उन्हें गड़बड़ी लगी। इसके बाद केंद्रों से धड़ाधड़ परीक्षा विभाग के पास फोन पहुंचने लगे। प्रशासन ने इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अफसर और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाही करने का दावा किया है।

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क्या है मामला- बुधवार की सुबह सात बजे से बीए द्वितीय वर्ष इतिहास का पेपर होना था। केंद्रों में परीक्षा समय पर प्रारंभ हुई पेपर बांटे गए। पेपर जब छात्रों के हाथों में आया तो उन्होंने प्रश्नों को लेकर आपत्ति की। विशेषज्ञों ने जांचा तो पाया कि पेपर तो द्वितीय वर्ष का है, लेकिन सवाल प्रथम वर्ष के पूछे गए हैं। जानकीरमण कॉलेज, बरगी, कुंडम, कटंगी समेत कई कॉलेजों से इस संबंध में शिकायत पहुंची है।

मॉडरेशन नहीं करवाने का नतीजा
गोपनीय विभाग से प्रश्न पत्र तैयार करवाए जाते हैं। पेपर बनाने वाले के अलावा छपने से पहले इसकी जांच पड़ताल होनी चाहिए। विषय के विशेषज्ञ शिक्षक मॉडरेशन करते हैं, यह प्रक्रिया नई शिक्षा नीति के बाद से प्रशासन ने बंद कर दी है। जिस वजह से पेपर परीक्षा से पूर्व जांचे नहीं जा रहे हैं। इस वजह से लगातार परीक्षा के दौरान पेपर में गड़बड़ी होने की शिकायत मिल रही है। कभी पेपर में हिंदी के अलावा अंग्रेजी अनुवाद नहीं होता है तो कभी कोई शाब्दिक त्रुटि होती है, जिस वजह से विद्यार्थियों को परीक्षा देने में परेशानी होती है। लगातार इसकी शिकायत भी की जा रही है।

हमारे पास आई शिकायत
परीक्षा नियंत्रक डॉ. रश्मि मिश्रा ने कहा कि हमारे पास सेंटर से प्रश्न पत्र को लेकर शिकायत मिली है हम इसकी जांच करवा रहे हैं और जिम्मेदारों को नोटिस भी दिया जाएगा। छात्र हित में ही फैसला लिया जाएगा।

अयोग्य प्रशासक है वजह
एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष सचिन रजक ने इस मामले में सीधे विश्वविद्यालय प्रशासन को घेरा है। सचिन ने आरोप लगाया कि जिस संस्थान का मुखिया ही गलत तरीके से नियुक्त होकर कुर्सी पर बैठा हो वहां इस तरह की समस्या निरंतर आएगी। सचिन ने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाही की मांग की है।

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