मध्यप्रदेश

लोक निर्माण विभाग में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कोताही नहीं होगी बर्दाश्त

भोपाल 

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लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से माह में दो बार औचक निरीक्षण की व्यवस्था की गई है जिसके अंतर्गत 23 मार्च को मुख्य अभियंताओं के 7 दलों द्वारा प्रदेश के सीहोर, पांढुर्णा, भिण्ड, बड़वानी, मऊगंज, उज्जैन एवं पन्ना जिलों में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कुल 35 कार्यों का रेंडम आधार पर परीक्षण किया गया। इनमें से 21 कार्य लोक निर्माण विभाग (सड़क एवं पुल), 5 कार्य पीआईयू (भवन), 6 कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम, 2 कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम तथा 1 कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित थे।

निरीक्षण दलों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों की समीक्षा बैठक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक  भरत यादव की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। बैठक में प्रमुख अभियंता (सड़क/पुल)  के.पी.एस. राणा, प्रमुख अभियंता (भवन)  एस.आर. बघेल, सहित सभी मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री एवं निरीक्षणकर्ता अधिकारी उपस्थित रहे।

समीक्षा बैठक में निरीक्षण प्रतिवेदनों के आधार पर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। शहडोल जिले में शहडोल–चुहरी–लफड़ा–मायका रोड के नवीनीकरण कार्य की स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार मैसर्स शुभ कंस्ट्रक्शन को ब्लैक लिस्ट करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने को कहा गया है।

छिंदवाड़ा जिले के परासिया में कन्या शिक्षा परिसर के निर्माण कार्य की प्रगति धीमी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार मैसर्स ओम एसोसिएट्स, रायपुर को नोटिस जारी कर 30 मई 2026 तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने की स्थिति में अनुबंधानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में निर्देश दिए गए कि पुराने निरीक्षण प्रतिवेदनों के अनुपालन को आगामी बैठकों से पूर्व सुनिश्चित किया जाए तथा उनकी समीक्षा अगली औचक निरीक्षण बैठक में की जाएगी। सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का निराकरण संतोषजनक रूप से करते हुए शिकायतकर्ता को अवगत कराने तथा आगामी माह की ग्रेडिंग में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही पुल-पुलियों की मरम्मत को प्राथमिकता देने, रोड सेफ्टी एवं ब्रिज सेफ्टी ऑडिट शीघ्र पूर्ण करने तथा लोक पथ ऐप में प्राप्त शिकायतों का निराकरण चार दिवस की समय-सीमा में करने के निर्देश भी दिए गए। निर्माण स्थलों पर लगाए जाने वाले कार्य प्रगति बोर्ड में संबंधित एजेंसी एवं अधिकारी का नाम स्पष्ट रूप से अंकित करने को भी कहा गया। 

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