मध्यप्रदेश

संतों का साथ और आर्शीवाद ही हमें ले जाता है सद्मार्ग पर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम सब 'जियो और जीने दो' की परोपकारी भारतीय संस्कृति के संवाहक हैं। अहिंसा हमें मोक्ष की ओर ले जाती है और हमें यह ज्ञान संतों से ही मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों का साथ, सहयोग और आशीर्वाद हमें देवमार्ग और सद्मार्ग पर ले जाता है। आचार्य 108 समय सागर जी महाराज जीवित देवता स्वरूप हैं। राजधानी भोपाल में आचार्य का चातुर्मास हम सब के लिए सौभाग्य का अवसर है, धन्य भाग्य का अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार एक दिन का विधानसभा सत्र आयोजित कर आचार्य को विधानसभा में प्रवचन के लिए आमंत्रित करेगी, ताकि प्रदेश के सभी विधायकों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों-कर्मचारियों को आचार्य का मार्गदर्शन और आशीर्वाद मिले।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को महाराणा प्रताप नगर के विद्योदय तीर्थ में विद्या शिरोमणि परम पूज्य आचार्य 108 समय सागर महाराज के पावन वर्षायोग (विद्योदयवर्धिनी राजधानी में संघ का भव्य चातुर्मास-2026) में सहभागिता की। इस अवसर पर आयोजित कलश स्थापना समारोह में उपस्थित होकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आचार्य के चरण प्रक्षालन कर उनसे शुभाशीष प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलश स्थापना समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि हम सब को प्राणी मात्र से प्रेम करना चाहिए। गौमाता की रक्षा करनी चाहिए। हमारी सरकार गौशालाओं के संरक्षण के लिए सभी कदम उठा रही है। हम अपनी पुरातन भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक स्वरूप में आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में कुछ पाने के लिए पुरूषार्थ करना ही होता है। अहिंसा और परोपकार का रास्ता अपनाकर हमें अपने जीवन को पुरूषार्थ से सफल बनाना चाहिए। आचार्य की 3 पुस्तकें हमें जीवन के 3 सत्य मार्ग दिखाती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उस संस्कृति के वंशज है, जहां सत्ताधीश राजातुल्य नहीं होता, बल्कि वह जनता का प्रथम और प्रधान सेवक होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी धर्मों और उनकी आस्थाओं का सम्मान रखते हुए हमारी सरकार ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता विधेयक पारित किया है। हम प्रदेश में गौमाता के कल्याण और संरक्षण के लिए और बेहतर प्रयास करेंगे तथा इस संदर्भ में आचार्य का मार्गदर्शन भी प्राप्त करेंगे।

आचार्य 108 समय सागर जी महाराज ने कहा कि अहिंसा का धर्म किसी एक का नहीं, यह विश्व धर्म है। जिनके मन में दया, करूणा, परोपकार, स्नेह, अपनत्व और दूजे के कल्याण का भाव जाग रहा है, वह सब अहिंसा के पुजारी है। आचार्य ने सभी को आशीष दिया।

कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, राहुल कोठारी, रविंद्र यति, दिग्म्बर जैन पंचायत कमेटी ट्रस्ट के अध्यक्ष पंकज जैन 'सुपारी' सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबी उपस्थित थे।

 

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