मध्यप्रदेश

गैस राहत अस्पतालों और औषधालयों में ओपीडी खुलने का समय तय

भोपाल

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह के आदेश पर गैस राहत एवं पुनर्वास संचालनालय के अधीन गैस राहत अस्पतालों एवं औषधालयों में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) खुली रहने का समय तय कर दिया गया है। सभी गैस राहत अस्पतालों में सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक एवं शाम 5 बजे से 6 बजे तक ओपीडी खुली रहेगी। इसी तरह गैस राहत के सभी औषधालयों में सुबह 9 बजे से अपरान्ह 4 बजे तक ओपीडी खुली रहेगी। गैस राहत संचालनालय द्वारा सभी गैस राहत अस्पतालों एवं औषधालयों को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं।

सहायक संचालक, गैस राहत एवं पुनर्वास संचालनालय, भोपाल ने बताया कि संचालक, कमला नेहरू चिकित्सालय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, गैस राहत, भोपाल, अधीक्षक जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय, इंदिरा गांधी महिला एवं बाल चिकित्सालय, अधीक्षक कमला नेहरू चिकित्सालय, अधीक्षक, पल्मोनरी मेडिसिन सेंटर, अधीक्षक, मास्टर लाल सिंह चिकित्सालय, अधीक्षक, शाकिर अली खान चिकित्सालय, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, बाग उमराव दूल्हा औषधालय, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, रूकमा बाई औषधालय बरखेड़ी, भोपाल, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, सिविल डिस्पेंसरी, अशोका गार्डन, भोपाल, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, के.एन.प्रधान औषधालय, जहांगीराबाद, भोपाल, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, माँ कर्मा देवी औषधालय, करोंद, भोपाल, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, मौ.अ.क.आ. औषधालय, पुतली घर, भोपाल, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, कुशाभाऊ ठाकरे औषधालय, नरेला शंकरी, भोपाल, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, लाल बहादुर शास्त्री औषधालय, मालीखेड़ी, भोपाल, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, पॉली क्लीनिक, इब्राहिमगंज, भोपाल को इस संबंध में निर्देशित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी अस्पताल अधीक्षकों एवं औषधालय प्रभारियों से कहा गया है कि गैस राहत अधीन सभी डॉक्टर्स तय समय के अनुसार अस्पताल एवं औषधालयों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर मरीजों का इलाज करें। अस्पताल अधीक्षकों एवं औषधालय प्रभारियों से यह भी कहा गया है कि यदि डॉक्टर्स तय किये गये समय पर ओपीडी में उपस्थित नहीं होकर मरीजों का इलाज नहीं करते हैं, तो उनके विरूद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाये।

 

Related Articles

Back to top button