मध्यप्रदेश

ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते के तहत दो मूकबधिर नाबालिग बालकों का भोपाल स्टेशन पर किया गया रेस्क्यू

भोपाल

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भोपाल मंडल रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि रखते हुए एक अत्यंत सराहनीय कार्य "ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते" के अंतर्गत संपन्न किया गया। इस अभियान के तहत भोपाल स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक-01 पर ड्यूटी पर तैनात सहायक उपनिरीक्षक राघवेंद्र सिंह ने नियमित गश्त के दौरान मानवीय दृष्टिकोण से एक संवेदनशील कार्य को अंजाम दिया।

 प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन संख्या 07076 गोरखपुर-हैदराबाद एक्सप्रेस के जनरल कोच की जांच के दौरान दो मूकबधिर नाबालिग बालक भयभीत एवं असहाय अवस्था में दरवाजे के पास बैठे पाए गए। स्थानीय यात्रियों से पूछताछ करने पर कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई। तत्पश्चात दोनों बच्चों को सुरक्षा एवं सांत्वना प्रदान करते हुए आरपीएफ पोस्ट, भोपाल लाया गया।

आरपीएफ पोस्ट में दोनों बच्चों ने इशारों के माध्यम से फोन करने की इच्छा जताई, जिस पर तत्परता दिखाते हुए उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया गया। बातचीत के दौरान यह जानकारी प्राप्त हुई कि दोनों बालक – प्रवीण कुमार, उम्र 14 वर्ष तथा सावन कुमार, उम्र 17 वर्ष – झारखंड राज्य के देवघर जिले के निवासी हैं और दिनांक 16.05.2025 से लापता थे। इस संदर्भ में स्थानीय थाना कुंडा एवं थाना जसडीह में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।

परिजनों को सूचित किया गया कि उनके बच्चे भोपाल स्टेशन पर सुरक्षित पाए गए हैं और उन्हें समुचित देखभाल प्रदान की जा रही है। बालकों को चिकित्सकीय परीक्षण हेतु जयप्रकाश नारायण अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक जांच के उपरांत उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति के अध्यक्ष श्री धनीराम सिंह पवार एवं अन्य सदस्यों द्वारा विचारोपरांत किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 27 के अंतर्गत दोनों बालकों को अस्थाई संरक्षा हेतु एसओएस बालग्राम (स्पेशल) संस्था को सौंपा गया।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि यह कार्य न केवल रेलवे सुरक्षा बल की सतर्कता एवं तत्परता का प्रतीक है, बल्कि भारतीय रेलवे द्वारा यात्रियों तथा समाज के विशेष रूप से सक्षम वर्ग के प्रति निभाई जा रही सामाजिक जिम्मेदारी का भी उदाहरण है। भोपाल मंडल द्वारा भविष्य में भी "ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते" जैसे मानवीय प्रयासों को निरंतर जारी रखा जाएगा।

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