मध्यप्रदेश

भोपाल में 2 मस्जिदों को हटाने का आदेश, माहौल गरमाया; वक्फ बोर्ड हाईकोर्ट पहुंचा

 भोपाल

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

भोपाल में दो मस्जिदों को हटाने का आदेश जारी होने के बाद माहौल गरमा गया है। मुस्लिम संगठनों ने सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है तो हिंदू संगठनों ने ऐलान किया है कि यदि मस्जिदों को बचाने की कोशिश की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस तरह से भोपाल में बड़ा तालाब के एफटीएल क्षेत्र में बनी दो मस्जिदों दिलकश मस्जिद और मोहम्मदी (भदभदा) मस्जिद को हटाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

जिला प्रशासन ने दी चेतावनी

जिला प्रशासन की ओर से इन्हें सरकारी जमीन पर अतिक्रमण मानते हुए हटाने का नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि स्वैच्छिक रूप से ढांचा नहीं हटाया गया तो बलपूर्वक बेदखल की कार्रवाई की जाएगी।

NGT के आदेश के बाद नोटिस

एनजीटी के आदेशों के पालन में जारी इस नोटिस के खिलाफ एमपी वक्फ बोर्ड ने मोर्चा खोलते हुए हाईकोर्ट में रिट दाखिल की है। बोर्ड का दावा है कि दोनों मस्जिदें वक्फ संपत्ति हैं और इनके पास वर्षों पुराने कानूनी दस्तावेज मौजूद हैं।

हिन्दू और मुस्लिम संगठन आमने-सामने

मस्जिद हटाने की कार्रवाई की भनक लगते ही मुस्लिम संगठनों ने सड़क पर उतरकर चेतावनी दी कि अगर मस्जिद पर पैर भी रखा तो आर-पार की लड़ाई होगी, लाशों पर से गुजरना होगा।दूसरी ओर हिंदू संगठनों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मस्जिद टूटनी चाहिए मतलब टूटनी चाहिए।

अतिक्रमण चिन्हित कर हटाने की कार्रवाई

एसडीएम टीटी नगर अर्चना शर्मा के अनुसार, एनजीटी और पर्यावरण मंत्रालय की अधिसूचना के तहत तालाब के 50 मीटर शहरी एवं 250 मीटर ग्रामीण क्षेत्र में आने वाले सभी अतिक्रमण चिन्हित कर हटाने की कार्रवाई की जा रही है। मस्जिदों के अलावा मंदिर व समाधियों सहित कुल 35 अन्य निर्माण भी सूचीबद्ध हैं।

लैंड जिहाद स्वीकार नहीं- मंत्री

राज्य के मंत्री विश्वास सारंग ने बयान दिया कि लैंड जिहाद किसी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा। एनजीटी और कानून के आदेशों का पालन अनिवार्य है। वहीं, हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी कि अगर मस्जिदों को बचाने का प्रयास हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

मामला हाईकोर्ट में लंबित

प्रशासन का कहना है कि वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी का पक्ष सुनने के बाद निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल मामला हाईकोर्ट में लंबित है। ऐसे में देखना होगा कि अदालत के फैसले के बाद प्रशासन मस्जिदों को हटाता है या दस्तावेजों के आधार पर वक्फ बोर्ड इन धार्मिक स्थलों को बचाने में सफल होता है। फिलहाल भोपाल में दो मस्जिदों को लेकर विवाद गरमा गया है। ऐसे में किसी भी तरह की चूक प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

Related Articles

Back to top button