मध्यप्रदेश

चालू पावर ट्रांसफार्मर से कॉपर स्ट्रिप चोरी किये जाने के प्रयास को आउटसोर्स कर्मियों ने किया नाकाम

भोपाल
एम.पी. ट्रांसको (मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी) के विदिशा जिले में स्थित 132 के.व्ही. सबस्टेशन शमशाबाद के चालू पावर ट्रांसफामर्स से तांबे की अर्थिंग पट्टी (कॉपर स्ट्रिप) को निकालने के प्रयास को सबस्टेशन के आउटसोर्स ऑपरेटर धीरेन्द्र राठौर, निरंजन विश्वकर्मा एवं सुरक्षा सैनिक दीपक पॉल ने अपनी हिम्मत, सूझबूझ और कर्तव्य निष्ठा का अनूठा उदाहरण पेश करते हुये असफल कर दिया। जिससे रबी के इस सीजन में शमशाबाद, बैरसिया, सिरोंद क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति के लंबे समय तक प्रभावित होने की आंशका को टाला जा सका।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

यह भूमिका है कॉपर स्ट्रिप की
लगभग 4-5 करोड़ रूपये कीमत के पावर ट्रांसफार्मर में तांबे के पट्टी (कॉपर स्ट्रिप) की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका रहती है, यह सबस्टेशन में किसी फाल्ट के कारण उत्पन्न होने वाले हजारों एम्पीयर के करेंट को यह संवेदनशील कॉपर स्ट्रिप अपने में से प्रवाहित कर अर्थ कर देती है। इसके कारण उपकरण और सबस्टेशन में कार्यरत कर्मी सुरक्षित रहते है। यदि चालू ट्रांसफार्मर से कॉपर स्ट्रिप अलग करने का प्रयास किया जाता है तो वह न केवल निकालने वाले के लिये घातक रहती है बल्कि इससे ट्रांसफार्मर के क्षतिग्रस्त होने के पूरी आशंका पैदा हो जाती है।

यदि चोर अपने मकसद में सफल हो जाते तो जहां मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी को 4-5 करोड़ रूपये का आर्थिक क्षति पहुंचती। वहीं क्षेत्र में ऐन वक्त रबी के सीजन में किसानों और विद्युत उपभोक्ताओं को हफ्तों बिजली आपूर्ति प्रभावित हो जाती।

कर्मियों को किया गया पुरस्कृत
सबस्टेशन के इन आउटसोर्स कर्मियों द्वारा दिखाये गयी सूझबूझ और बहादुरी के लिये अधीक्षण अभियंता श्री एम.पी. पटेल ने इन्हें सम्मानित कर पुरूस्कृत किया।

 

Related Articles

Back to top button