मध्यप्रदेश

भोपाल में हेलमेट नियम का बना मज़ाक, लोग पेट्रोल पंपों से उधार लेकर पहन रहे हेलमेट

भोपाल 

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

 'गोलमाल है भाई सब गोलमाल है… इसको इसकी टोपी उसके सिर… ये ये गाना आप सभी ने सुने होंगे। भोपाल के पेट्रोल पंप पर शुक्रवार को ये गाने चरितार्थ हो गए। दरअसल, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह का 'हेलमेट अनिवार्यता' का आदेश शहर के पेट्रोल पंपी पर 'हेलमेट जुगाड़' का मंच बन गया। पेट्रोल पंप को चालक एक दूसरे हेलमेट मांगकर पेट्रोल भरवाते नजर आए। एक अगस्त से लागू हुए इस आदेश में कहा गया था कि बिना हेलमेट के दोपहिया चालको को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि 'एक हेलमेट, कई सवारी का फॉर्मूला चल निकला। 

हेलमेट शेयरिंग ऐप का ट्रायल

सुबह 10 बजे प्रभात चौराहे के पेट्रोल पंप पर चालकों ने हेलमेट बदल-बदलकर पेट्रोल भरवाया। एक हेलमेट को पांच हाथों में घूमते देखकर भी पंप कर्मचारियों ने आंखें मूंद रखी थीं। शहर के प्रगत्ति चौराहा, श्रीराम कॉलोनी और एम्पी आदि के मास स्थिति पंपों पर बिना हेलमेट के पेट्रोल बेचा गया लेकिन पुलिस, जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग के अधिकारी कहीं नहीं दिखे।

सितंबर तक लागू रहेगा आदेश

शहर में कुल 192 पेट्रोल पंप है, जहां हर रोज पेट्रोल और डीजल की खपत करीब 21.50 लाख लीटर है , इसमें करीब 11 लाख लीटर पेट्रोल की खपत होती है। यह आदेश 29 सितंबर तक की अवधि में प्रभावशील रहेगा। इसका उल्लंघन करने वाले व्यक्ति संस्था और संचालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 23 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जा सकेगी।

पुलिस वाले ने भी हेलमेट उधार लिया

नानके पंप एक पुलिसकर्मी बिना हेलमेट के पहुंच गया। पंप वाले ने मना किया, तो उसने दूसरे बालक से हेलमेट उधार लेकर पेट्रोल भरवाया और फिर वापस कर दिया।

बोतल में पेट्रोल, नियमों में छेद

दोपहर 12 बजे आइएसबीटी के पास स्थित पंप पर बोत्तल में पेट्रोल देने का गैर कानूनी धंधा खुलेआम चला। बोतल में पेट्रोल मरना सख्त मना है, कर्मचारी ने बिना किसी हिचक के पैसा लिया और पेट्रोल भर दिया। भोपाल आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने कि तीन कार्रवाई की गई थी। लेकिन शुक्रवार को शहर के किसी भी पेट्रोल पंप पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

Related Articles

Back to top button