भारत

जल्द ही देश में हाईवे सफर का अनुभव पूरी तरह बदलने वाला है, 1 मई से शुरू हो रहा नया टोल सिस्टम

नई दिल्ली
जल्द ही देश में हाईवे सफर का अनुभव पूरी तरह बदलने वाला है। टोल प्लाजा पर लंबी कतारों, फास्टैग की खामियों और समय की बर्बादी से राहत दिलाने के लिए केंद्र सरकार अब एक सैटेलाइट-बेस्ड टोल सिस्टम लाने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को संकेत दिया कि आने वाले 15 दिनों के भीतर सरकार नई टोल नीति पेश करेगी, जो भारत के टोल कलेक्शन सिस्टम में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

GPS आधारित टोल सिस्टम की शुरुआत
गडकरी ने बताया कि इस नई नीति के लागू होने के बाद टोल को लेकर लोगों की सभी शिकायतें दूर हो जाएंगी। उन्होंने फिलहाल नीति की ज्यादा जानकारी साझा नहीं की, लेकिन संकेत साफ हैं—सरकार अब GPS आधारित टोल वसूली की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है।

फास्टैग से आगे की टेक्नोलॉजी
भारत में 2016 में फास्टैग सिस्टम की शुरुआत हुई थी, जो RFID टेक्नोलॉजी पर आधारित है। हालांकि, बीते वर्षों में इसके संचालन में कई समस्याएं सामने आईं—जैसे अत्यधिक ट्रैफिक, टैग स्कैनिंग में तकनीकी गड़बड़ियां, और टैग के दुरुपयोग के मामले। इन्हीं दिक्कतों के चलते अब सरकार स्मार्ट और सटीक टोल कलेक्शन सिस्टम की तरफ बढ़ रही है।

कैसे काम करेगा GPS Toll System?
इस नए सिस्टम में हर वाहन में एक ऑन-बोर्ड यूनिट (OBU) डिवाइस लगाया जाएगा, जो GNSS (Global Navigation Satellite System) तकनीक के जरिए वाहन की रीयल टाइम लोकेशन और हाईवे पर तय की गई दूरी को ट्रैक करेगा।
 
 जैसे ही वाहन हाईवे पर चलेगा,
सिस्टम उस वाहन की यात्रा की दूरी मापेगा,
उसी के आधार पर टोल की राशि तय की जाएगी,
और वह रकम सीधे ड्राइवर के बैंक खाते या वॉलेट से स्वतः कट जाएगी।

बड़ी राहत: रुकना नहीं, सिर्फ चलना है!
GPS Toll लागू होने से ड्राइवरों को किसी टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन खर्च भी कम होगा और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से भी राहत मिलेगी।

आम लोगों पर क्या असर होगा?
इस नई नीति के लागू होने से आम नागरिकों को टोल की पारदर्शिता मिलेगी, मनमानी वसूली पर लगाम लगेगी, और टोल टैक्स सिर्फ उतनी दूरी का देना होगा जितना हाईवे पर वाहन चला है। यानी, "Pay as you drive" मॉडल पर टोल वसूली होगी।

Related Articles

Back to top button