राजनीति

चुनावों की तारीखों का ऐलान होते ही राजनीतिक गहमागहमी तेज, केजरीवाल की सीट पर क्या है AAP की चिंता

नई दिल्ली
दिल्ली विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान होते ही राजनीतिक गहमागहमी तेज हो गई है। अब दिल्ली की सीएम और आप नेता आतिशी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखकर चिंता प्रकट की है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने का समय भी मांगा है। आइए जानते हैं कि आखिर आप संयोजक अरविंद केजरीवाल की सीट पर आप की क्या चिंताएं हैं, जिन्हें पार्टी के आलाकमान मिलकर जल्द से जल्द दूर करना चाहते हैं।

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मिलने का समय मांगते हुए उठाए सवाल
दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से तत्काल मिलने का समय मांगते हुए सवाल भी उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आखिर आपको मिलने का समय देने में ऐतराज क्यों है? उन्होंने कहा कि फ्री और निष्पक्ष चुनाव के लिए आपसे मुलाकात करना जरूरी है। पार्टी को केजरीवाल की सीट को लेकर जो चिन्ताएं हैं, उन पर बीजेपी आईटी सेल के राष्ट्रीय संयोजक अमित मालवीय ने प्रतिक्रिया भी दी है।

मिलने की वजह और चुनाव आयुक्त का जवाब
आतिशी द्वारा लिखी गई चिट्ठी में नई दिल्ली विधानसभा सीट पर बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाए जाने और जोड़े जाने का मामला उठाया गया है। आतिशी ने व्यक्तिगत तौर पर इस मुद्दे को उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के दफ्तर से मिलने का समय मांगा था। दफ्तर की तरफ से उप मुख्य चुनाव आयुक्त अधिकारी ललित मित्तल की तरफ से एक पत्र मिला है। इसमें कहा गया है कि कार्यालय मेरी चिट्ठी में लिखे गए तथ्यों की जांच करके पता लगा रहा है।

स्थानीय सीईओ के अधिकार क्षेत्र के बाहर का विषय
आतिशी ने चिट्ठी में मुख्य चुनाव आयुक्त से तत्काल मिलने का समय मांगा है, क्योंकि यह मामला स्थानीय सीईओ के अधिकार क्षेत्र से बाहर के विषय का है। आतिशी ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में 27 दिनों से भी कम समय बचा है। इसलिए इस मामले पर मुख्य प्राथमिकता देते हुए विचार करना चाहिए। इस मामले पर अमित मालवीय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली से चुनाव हार रहे हैं, इसलिए वोटर लिस्ट को लेकर लगातार बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।
 

क्या केजरीवाल दो सीटों से लड़ेंगे चुनाव
अमित मालवीय ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल दो सीटों से चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं। ऐसा कैसे हो सकता है कि सिर्फ नई दिल्ली की वोटर लिस्ट में खामियां हों और बाकी सब ठीक? क्या केजरीवाल अब तक फर्जी वोट के सहारे जीत रहे थे और उनके कट जाने से तड़प रहे हैं? अमित मालवीय ने सवाल करते हुए कहा कि चुनाव जीत कर क्या करेंगे? आप-दा हार रही है। वैसे भी मुख्यमंत्री रहते हुए उनके सचिवालय जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। कोई फाइल साइन नहीं कर सकते थे। प्रधानमंत्री बनने का ख़्वाब देखने वाला अब विधायक बनने के लिए स्ट्रगल कर रहा है। यह दिल्ली की जनता की वोट की ताकत है।

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