मध्यप्रदेश

‘राष्ट्र और धर्म के खिलाफ पोस्ट करना गंभीर अपराध’… मध्य प्रदेश में नसीम बानो को जमानत नहीं, नौकरी भी गई

डिंडौरी
देश और हिंदू विरोधी पोस्ट करने वाली मध्य प्रदेश की अतिथि शिक्षक डॉ. नसीम बानो की जिला न्यायालय में लगाई गई जमानत याचिका खारिज हो गई। कोर्ट ने कहा कि देश को झकझोर देने वाली आतंकवादी वारदात के बाद क्रूर आतंकवादियों की तुलना जय श्रीराम के नारे के साथ करना गंभीर अपराध है। ऐसे समय में हिंदू देवी देवताओं का अपमान करने के साथ देश विरोधी पोस्ट करना जघन्य अपराध किया गया है। ऐसे में जमानत नहीं दी जा सकती है।

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आरोपी नसीम बानो द्वारा लगाई गई जमानत याचिका का अधिवक्ताओं ने भी लामबंद होकर विरोध किया। तृतीय अपर सत्र न्यायालय से आरोपी की जमानत याचिका जहां खारिज हो गई, वहीं आदर्श कॉलेज से भी उन्हें पद से हटा दिया गया है।

वकील बोले- जमानत मिलती, तो गलत संदेश जाता

    कॉलेज प्राचार्य द्वारा आरोपी अतिथि विद्वान को मामला सामने आने के बाद ही नोटिस जारी किया गया था। आरोपी की सेवा अनुबंध निरस्त करने के साथ ब्लैक लिस्टेड करने के लिए भी पत्राचार किया जा रहा है।

    न्यायालय में वकीलों ने भी जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि एक शिक्षित महिला का ऐसा कृत्य धर्म और देश विरोधी है। उन्होने तर्क दिया कि जमानत मिलने से समाज में गलत संदेश जाएगा।

    जमानत का विरोध करने में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष यूके पटेरिया, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रवेश कनौजे, राममिलन यादव सहित अन्य अधिवक्ता शामिल रहे। आरोपी जिला जेल में बंद है।

कॉलेज ने तत्काल की कड़ी कार्रवाई

    अतिथि विद्वान के विरुद्ध मामला दर्ज होने के साथ जेल जाने के बाद उनका अनुबंध निरस्त कर पद से हटा दिया गया है। अतिथि विद्वान को ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई एडी कार्यालय से होती है। इस पूरे मामले की जानकारी एडी कार्यालय के साथ कमिश्नर कार्यालय को भी भेज दी गई है। अतिथि विद्वान की यह गंभीर मनमानी थी। ऐसे में कॉलेज का भी माहौल खराब हो रहा था। डॉ. सुल्तान सिंह प्राचार्य शासकीय आदर्श कॉलेज डिंडौरी

 

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