भारत

प्रधानमंत्री शेख हसीना के 21 और 22 जून को भारत की यात्रा पर नई दिल्ली आने की संभावना, PM मोदी से मिलेंगी

नई दिल्ली
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के 21 और 22 जून, 2024 को भारत की आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली आने की संभावना है। यह इस महीने उनकी दूसरी भारत यात्रा है। 09 जून, 2024 को पीएम नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए वह भारत यात्रा पर आई थी और इस दौरान उनकी पीएम मोदी से संक्षिप्त बातचीत भी हुई थी। लेकिन अब अगले हफ्ते जब वह भारत में होंगी जो दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों के सारे आयामों पर विस्तार से बातचीत होगी।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

शेख हसीना की यात्रा क्यों महत्वपूर्ण?
हसीना की इस यात्रा का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है कि वह अगले महीने (जुलाई) में बीजिंग की यात्रा पर जा रही हैं। चीन की तरफ से यह कहा गया है कि बांग्लादेश पीएम की आगामी यात्रा के दौरान बड़ी घोषणाएं की जाएंगी। ऐसे में जानकार मान रहे हैं कि पीएम हसीना भारत और चीन के रिश्तों की संवेदनशीलता को देखते हुए नई दिल्ली आ रही हैं ताकि उनकी बीजिंग यात्रा को लेकर कोई गलतफहमी नहीं बने।

पीएम मोदी के शपथ ग्रहण में हुई थी शामिल
जनवरी, 2024 आम चुनाव में विजयी होने के बाद पीएम हसीना ने अभी तक किसी देश की आधिकारिक यात्रा नहीं की है। चीन यात्रा को लेकर उनका फैसला पहले ही चुका था। सूत्रों का कहना है कि बांग्लादेश की तरफ से ही यह प्रस्ताव आया था की हसीना बीजिंग यात्रा से पहले नई दिल्ली की आधिकारिक यात्रा करना चाहती हैं। यह भारत सरकार के साथ हसीना के बेहद घनिष्ठ संबंधों को देखते हुए लिया गया फैसला है।

भारत और बांग्लादेश के रिश्ते कैसे?
मोदी और हसीना के नेतृत्व में भारत और बांग्लादेश के रिश्ते पिछले दस वर्षों में काफी मजबूत हुए हैं। बांग्लादेश आम चुनाव से पहले जब अमेरिका की तरफ से हसीना सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश हो रही थी तब भारत ने परोक्ष तौर पर उनकी मदद की। इस दौरान भारत की मदद से बांग्लादेश में कई कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर काम हुआ है। दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों को प्रगाढ़ बनाया गया है। पुूर्वोत्तर भारत के राज्यों को बांग्लादेश से जोड़ने की रणनीति लगातार काम कर रही है।

भारत यात्रा की खास अहमियत
हसीना सरकार ने ढांचागत परियोजनाओं में चीन की मदद जरूर ली है लेकिन चीन के प्रभाव को हावी नहीं होने दिया है। इन हालात में हसीना की भावी भारत यात्रा की खास अहमियत है। सूत्रों का कहना है कि चीन ने यह संकेत दिया है कि वह बांग्लादेश की तीस्ता नदी की सफाई के लिए भारी-भरकम राशि की मदद देने को तैयार है। यह मुद्दा भारत के लिए संवेदनशील है क्योंकि चीन की कंपनियों को ठेका मिलने का यह मतलब होगा कि उसे तीस्ता नदी से संबंधित सारा डाटा भी हासिल हो जाएगा।

बांग्लादेश को भारत देगा ये प्रस्ताव
माना जा रहा है कि भारत की तरफ से भी चीन जैसा ही प्रस्ताव बांग्लादेश को दिया जा सकता है। दूसरी तरफ, भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता जल बंटवारे को लेकर समझौता होने के बावजूद, इसे भारत सरकार की तरफ से अंतिम मंजूरी नहीं दी जा सकी है। पीएम मोदी और पीएम हसीना के बीच पिछले चार आधिकारिक वार्ताओं में इसका जिक्र किया गया है। बताया जाता है कि पश्चिम बंगाल सरकार की आपत्ति की वजह से भारत सरकार इस पर फैसला नहीं कर पा रही है। ऐसे में बांग्लादेश की पीएम एक बार फिर तीस्ता जल बंटवारे संधि को लागू करने का आग्रह पीएम मोदी से कर सकती हैं।

Related Articles

Back to top button