मध्यप्रदेश

भोपाल में प्रॉपर्टी टैक्स नहीं बढ़ेगा, लेकिन सीवेज-जल कर से बढ़ सकता है खर्च

भोपाल

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आईएसबीटी स्थित निगम मुख्यालय में 23 मार्च को होने वाली नगर निगम परिषद की बैठक में शहर सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपना बजट पेश करेगी। महापौर मालती राय के कार्यकाल का यह चौथा बजट है। सूत्रों की मानें तो इस बार का बजट चार हजार करोड़ रुपये से अधिक का होगा। वहीं, बैठक में सीवेज और जल कर बढ़ाया जा सकता है, जिससे शहरवासियों पर एक बार फिर आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना है। जबकि राहत की बात यह है कि निगम इस बार संपत्ति कर में बढ़ोतरी करने नहीं जा रहा है।

टैक्स में 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि की तैयारी

जानकारी के अनुसार, योजना आयोग ने आमदनी बढ़ाने के लिए हर साल टैक्स बढ़ाने की सलाह दी है। निगम प्रबंधन योजना आयोग की अनुशंसा को आधार बनाकर इस बजट में भी जल और सीवेज जैसे मदों के कर में 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि करने की तैयारी में है। अब नगर परिषद की बैठक में बहुमत के आधार पर फैसला होगा। निगम प्रशासन का दावा है कि वर्तमान में निगम को सीवेज प्रबंधन पर होने वाले खर्च की तुलना में वसूली काफी कम हो रही है, जिसकी भरपाई इस वृद्धि के जरिए करने की योजना है। बढ़ते खर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के लिए यह जरूरी कदम है।

शादी गार्डन और अस्पतालों पर बढ़ेगा बोझ

सीवेज टैक्स में बढ़ोतरी से शादी गार्डन और अस्पतालों पर अधिक बोझ डाले जाने की संभावना है। बता दें कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में करों में बढ़ोतरी कर जनता पर भारी बोझ डाला गया था, जिसमें संपत्ति कर में 10 प्रतिशत और जल एवं कचरा शुल्क में 15-15 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। इस बार भी इंफ्रास्ट्रक्चर और अमृत 2.0 पर विशेष फोकस रहेगा। अमृत 2.0 में बड़े प्रोजेक्ट्स को इस योजना के तहत गति दी जाएगी। राजधानी के एंट्री पॉइंट्स पर हेरिटेज गेट, मुख्य सड़कों का सौंदर्यीकरण और पार्कों के विकास कार्य के साथ ही सड़क, बिजली, पानी, नाला निर्माण और तालाबों के संरक्षण की योजना भी शामिल है। इसके अलावा गीता भवन का निर्माण और नए कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के निर्माण की योजना भी शामिल है।

आदमपुर खंती और कचरा निष्पादन का प्रस्ताव

बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा शहर के गले की फांस बने आदमपुर खंती का "लेगेसी वेस्ट" (पुराना कचरा) है। इसमें आदमपुर खंती के करीब 33 एकड़ में फैले लगभग 6,47,825 मीट्रिक टन कचरे के निष्पादन का प्रस्ताव है। इसे खत्म करने के लिए जारी किए टेंडर में मेसर्स सौराष्ट्र इनवायरो प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 55 करोड़ 54 लाख रुपये की न्यूनतम दर दी है।
शहर में 14 नए पार्किंग स्थल और कंडम वाहनों की विदाई

ट्रैफिक के दबाव और राजस्व बढ़ाने के लिए निगम शहर में 14 नए पार्किंग स्थल शुरू करने जा रहा है। इसमें सुभाष नगर, केंद्रीय विद्यालय, बोर्ड ऑफिस चौराहा, डीआरएम ऑफिस और अलकापुरी जैसे मेट्रो स्टेशनों के आसपास की जगहों को पार्किंग के लिए चिह्नित किया गया है। इसके अलावा न्यू मार्केट और मनीषा मार्केट जैसे व्यस्त इलाकों में भी पार्किंग शुरू होगी। साथ ही, निगम अपने बेड़े से 145 कंडम वाहनों को हटाने की तैयारी में है। इनमें से 143 वाहन 15 साल की समय सीमा पूरी कर चुके हैं, जबकि दो वाहन खराब स्थिति के कारण कंडम किए जा रहे हैं।

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