मध्यप्रदेश

सेवा भाव के साथ जनसेवा ही लोक सेवक की पहचान : राज्यपाल पटेल

भोपाल 

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राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोक सेवक बनकर राष्ट्र के विकास और मानव कल्याण का अवसर बिरले लोगों को ही मिलता है। सेवाभाव के साथ जनसेवा ही सच्चे लोक सेवक की पहचान है। राज्यपाल श्री पटेल पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के नवनियुक्त जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और विकासखंड अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। राजभवन के स्वर्ण जयंती सभागार में सौजन्य भेंट कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव  के.सी. गुप्ता भी मौजूद थे।

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रशिक्षण में मिलने वाली सीख और वरिष्ठ अधिकारियों के कार्य अनुभवों का उपयोग प्रशासनिक जीवन की चुनौतियों के समाधान में करें। उन्होंने कहा कि आप जब भी मैदानी भ्रमण पर जाए, जनता से आत्मीय व्यवहार करें उनकी समस्याओं को विनम्रता से सुनें और प्राथमिकता के साथ निराकरण करें। आमजनों की बुनियादी जरूरतों जैसे- रोटी, कपड़ा, मकान के साथ पानी और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए।

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि विगत वर्षों में केंद्र और राज्य सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों से मध्यप्रदेश के विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। अब दूरस्थ इलाकों तक विकास दिखाई देता है। गरीब, वंचित और जरूरतमंदों के जीवन को बेहतर बनाने के सरकार के लक्ष्य को सफल बनाने की मूल जिम्मेदारी आप अधिकारियों की है। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को दूरस्थ अंचलों के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना आपके पद का परम दायित्व है।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल का जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान भोपाल की संचालक श्रीमती सरिता बाला ने पौधा भेंटकर स्वागत और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। श्रीमती बाला ने स्वागत उद्बोधन दिया। प्रशिक्षु अधिकारी सुश्री आस्था जैन और श्री रवि ने प्रशिक्षण अनुभवों को साझा किया। आभार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव दिनेश जैन ने व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त आयुक्त श्री अनिल कोचर ने किया। 

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