मध्य प्रदेश के 30 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, 3 दिन बाद गर्मी का थर्ड डिग्री टॉर्चर
भोपाल
मध्य प्रदेश में अप्रैल में आमतौर पर तेज गर्मी का दौर शुरू हो जाता है. इस बार आंधी और बारिश ने तापमान को नीचे ला दिया है. मौसम विभाग ने प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में मंगलवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. अगले 72 घंटे तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं, गरज-चमक के साथ बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का अलर्ट है. मौसम साफ होते ही तापमान तेजी से बढ़ेगा और अगले सप्ताह तक पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना है।
तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा
मध्य प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान तापमान में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. बादल और हल्की बारिश के कारण प्रदेश के ज्यादातर जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहा. बीते 24 घंटे में सबसे अधिक तापमान नर्मदापुरम में 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके बाद खरगोन और रतलाम में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा. राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 3.8 डिग्री सेल्सियस कम है।
मध्य प्रदेश में अगले 3 दिन आंधी-बारिश के साथ ओले गिरेंगे
इंदौर में 34.2 डिग्री और जबलपुर में 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके साथ ही रात के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है. हिल स्टेशन पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. कई जिलों के न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई।
इन जिलों में तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा
मौसम विभाग ने 7 अप्रैल के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया है. भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. ग्वालियर-चंबल संभाग में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा बताया गया है।
ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी और गुना जिलों में वज्रपात को लेकर लोगों को सावधान रहने को कहा गया है. इसके अलावा बुंदेलखंड के छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और सागर जिलों में भी तेज हवा और हल्की बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना
मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया "पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में मौसम का असर ज्यादा दिखाई दे सकता है. रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, पन्ना और दमोह में आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. रीवा और मऊगंज क्षेत्र में हवाओं की रफ्तार तेज रहने की संभावना है. वहीं कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है।
एक साथ कई वेदर सिस्टम सक्रिय
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार "प्रदेश में मौसम के अचानक बदलने की मुख्य वजह एक साथ कई मौसमी प्रणालियों का सक्रिय होना है. जम्मू-कश्मीर के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में सक्रिय है. इसके साथ ही दक्षिण कैस्पियन सागर क्षेत्र से एक और पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ रहा है. उत्तर-पूर्व उत्तरप्रदेश से लेकर पूर्वी मध्यप्रदेश होते हुए विदर्भ तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है. इन सभी प्रणालियों के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आ रही है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, बारिश और आंधी की स्थिति बन रही है।
8 से 10 अप्रैल तक ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार "अगले तीन दिन तक प्रदेश में मौसम में अस्थिरता बनी रहेगी, हालांकि धीरे-धीरे इसका असर कम होने लगेगा. 8 अप्रैल को ग्वालियर, चंबल और रीवा संभाग के जिलों में आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. 9 अप्रैल तक बारिश का क्षेत्र सिमटकर मुख्य रूप से पूर्वी मध्य प्रदेश तक रह जाएगा. इस दिन रीवा, सीधी और सिंगरौली जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. जबकि 10 अप्रैल से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ होने लगेगा. विभाग ने इस दिन के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है।
अप्रैल के दूसरे सप्ताह से तेज गर्मी
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे ही बादल छंटेंगे और आसमान साफ होगा, तापमान तेजी से बढ़ने लगेगा. 10 अप्रैल के बाद दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है. वर्तमान में जहां अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री के बीच है, वहीं, अगले सप्ताह की शुरुआत तक कई शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है. इसके साथ ही प्रदेश में हीट वेव यानी लू का असर भी शुरू होने की संभावना जताई गई है।