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रायपुर : दशहरा केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि जीवन का संदेश है – राज्यपाल डेका

रायपुर : दशहरा केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि जीवन का संदेश है – राज्यपाल  डेका

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राम ने युद्ध में जीत हासिल इसीलिए की क्योंकि वे सत्य के साथ थे – मुख्यमंत्री  साय

विजयादशमी उत्सव में शामिल हुए राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री

रायपुर

राजधानी रायपुर के डब्ल्यू.आर.एस. कॉलोनी के विशाल मैदान में इस वर्ष भी परंपरा और आस्था के साथ भव्य दशहरा उत्सव का आयोजन किया गया। 55 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा यह उत्सव इस बार और भी ऐतिहासिक रहा, जिसमें राज्यपाल  रमेन डेका, राज्य की प्रथम महिला मती रानी डेका काकोटी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय विशेष रूप से शामिल हुए।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राज्यपाल   रमेन डेका ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ आज नक्सलवाद से बाहर निकलते हुए शांति और विकास की ओर अग्रसर है। प्रदेश की जीडीपी वृद्धि और देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में जनता की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अंतिम व्यक्ति का उत्थान ही वास्तविक विकास है और यही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की परिकल्पना भी थी।

राज्यपाल ने विजयादशमी का संदेश स्पष्ट करते हुए कहा कि यह पर्व केवल रावण दहन का नहीं, बल्कि जीवन का संदेश है। रावण चाहे कितना भी बलवान क्यों न रहा हो, उसके अहंकार का अंत हुआ और जीत सत्य की हुई। बुराई कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अच्छाई हमेशा विजयी होती है।

उन्होंने कहा कि हमें केवल मैदान में रावण का पुतला नहीं जलाना चाहिए, बल्कि अपने भीतर के रावण काम, क्रोध, लोभ, ईर्ष्या और घमंड—को भी समाप्त करना होगा। यही सही अर्थों में दशहरा पर्व का पालन होगा।

गांधी जयंती का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि दशहरा हमें बुराई का अंत करने की शिक्षा देता है और गांधी जयंती हमें सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। जब ये दोनों विचार साथ आते हैं तो समाज में प्रेम, भाईचारा और शांति कायम होती है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने भगवान राम, माता सीता और सनातन धर्म की जयकार के साथ सभा को विजयादशमी की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि डब्ल्यू.आर.एस.कालोनी दशहरा उत्सव समिति इस आयोजन को भव्य रूप से संपन्न करती आ रही है और यह उत्सव अब ऐतिहासिक स्वरूप ले चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रावण के पास मेघनाद और कुंभकरण जैसे शक्तिशाली योद्धा थे, जबकि राम के साथ साधारण वानर सेना थी। इसके बावजूद विजय राम की हुई क्योंकि वे सत्य के साथ थे।

इस अवसर पर कृषि मंत्री  राम विचार नेताम ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। स्वागत भाषण विधायक  पुरंदर मिश्रा ने और आभार प्रदर्शन आयोजन समिति के अध्यक्ष  जी. स्वामी ने किया।

समारोह में 103 फीट ऊँचे रावण के पुतले का दहन इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। रंगीन आतिशबाजी और भव्य प्रस्तुति देखने हजारों लोगों की भीड़ मैदान में उमड़ी। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि,  सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

समारोह के अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। समिति की सदस्य मती सरस्वती मिश्रा ने प्रथम महिला रानी डेका काकोटी को विशेष स्मृति चिन्ह प्रदान किया।

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