मध्यप्रदेश

प्रदेश में हवाई पट्टियों के विकास से सुदृढ़ हो रही क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी

भोपाल
मध्यप्रदेश में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को सुदृढ़ बनाने और दूरस्थ जिलों को हवाई सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा हवाई पट्टियों के विकास एवं विस्तार के लिए सुनियोजित प्रयास किए जा रहे हैं। इससे प्रदेश में पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों को हवाई मार्ग से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इसके लिए मध्यप्रदेश सिविल एविएशन पॉलिसी-2025 लागू की गई है, जिसका उद्देश्य विमानन अधोसंरचना का विकास कर हवाई सेवाओं का विस्तार करना है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

प्रदेश की 11 हवाई पट्टियों – सिवनी, सागर, गुना, रतलाम, उज्जैन, बिरवा (बालाघाट), उमरिया, छिंदवाड़ा, मंदसौर, नीमच और शिवपुरी को उड़ान प्रशिक्षण और अन्य विमानन गतिविधियों के संचालन के लिए निजी संस्थाओं को उपयोग के लिए दिए जाने की पहल की गई है। इस पहल से विमानन क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही हवाई पट्टियों का बेहतर संधारण एवं अनुरक्षण भी सुनिश्चित होगा। प्रदेश में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश वायु संपर्कता नीति-2018 भी लागू की गई है। इस नीति में चयनित एयरलाइंस को प्रदेश के विभिन्न शहरों के बीच उड़ान सेवाएँ प्रारंभ करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

केंद्र सरकार की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) में भी प्रदेश में हवाई अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। वर्ष 2024-25 में दतिया हवाई पट्टी के विकास एवं विस्तार के लिए इसे भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को सौंपा गया। दतिया एयरपोर्ट प्रदेश का 8वाँ हवाई अड्डा है, जहाँ से छोटे यात्री विमानों का संचालन प्रारंभ किया जा चुका है। इसी क्रम में वर्ष 2025-26 में शिवपुरी एवं उज्जैन की हवाई पट्टियों के विकास और विस्तार के लिए भी भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन हवाई पट्टियों को उन्नत कर क्षेत्रीय हवाई अड्डों के रूप में विकसित करने और नियमित विमान सेवाओं के संचालन योग्य बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही वर्तमान में प्रगति पर है।

प्रदेश में हवाई अधोसंरचना के इस विस्तार से न केवल हवाई संपर्क सुदृढ़ होगा, बल्कि पर्यटन, उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

Related Articles

Back to top button