मध्यप्रदेश

भोपाल के ऐशबाग रेलवे ओवर ब्रिज पर यातायात शुरू करने के लिए कवायद शुरू, होगा सर्वे, फिर खुलेगा रास्ता

भोपाल
 90 डिग्री मोड़ के कारण देश में मजाक बने चुके ऐशबाग रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) पर यातायात शुरू करने को लेकर कवायद शुरू हो चुकी है। जानकारी के अनुसार, यातायात सुरक्षा के लिए आरओबी पर सर्वे का काम शुरू होने वाला है। लिहाजा इसके बाद ही आमजन के लिए पुल का रास्ता खोला जाएगा।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के पूर्व मुख्य अभियंता एके चिंडके द्वारा सुरक्षा उपायों को लेकर दिए गए सुझाव पर लोक निर्माण विभाग ने काम शुरू करने का मन बना लिया है। हालांकि रेलवे से 90 डिग्री के मोड़ को गोलाई देने के लिए अतिरिक्ति जमीन को लेकर चल रही बातचीत पर लोनिवि और रेलवे के अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है।

बता दें, बुधवार को रेलवे के अधिकारियों ने 90 डिग्री मोड़ को गोलाई देने के लिए रेलवे की तरफ की जमीन पर नापजोख किया था। इस बीच लोनिवि ने यातायात सुरक्षा को लेकर सर्वे कर सेफ्टी मेजर की तैयारियों को लेकर काम शुरू कर दिया है।

भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में बने 90 डिग्री मोड़ वाले ब्रिज के डिजाइन को लेकर विभागीय जांच शुरू हो गई है। ऐशबाग पुल के निर्माण में जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। जांच दल में दो मुख्य अभियंता और एक ईई समेत चार सदस्य हैं। मंत्री के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी विभाग के चार अधिकारियों की जांच कमेटी इस ब्रिज के डिजाइन की रिपोर्ट पेश करेगी।

लोक निर्माण मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के जन्मदिन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के द्वारा उनकी फोटो दूध से नहलाने पर तंज कसते हुए कहा कि जब तक कांग्रेस में ऐसी परंपराएं जारी रहेंगी तब तक कांग्रेस का हाल नहीं सुधर पाएगा।

आरओबी में क्या होंगे सुरक्षा उपाय
पुल बोगदा से पुल पर चढ़ते ही पहला स्पीड ब्रेकर बनेगा।
90 डिग्री मोड़ पर पहुंचने से पहले दूसरा स्पीड ब्रेकर बनेगा।
मोड़ पर मुड़ने के बाद तीसरा स्पीड ब्रेकर मिलेगा।
ऐशबाग से पुल बोगदा मोड़ पर आने पहले चौथा स्पीड ब्रेकर रहेगा।
पुल से ऐशबाग की भुजा की तरफ उतरते वक्त पांचवां स्पीड ब्रेकर बनेगा।
90 डिग्री मोड़ पर पुल बोगदा से जाते वक्त सामने एक बड़ा आईना लगाया जाएगा।
इसी तरह ऐशबाग की तरफ से आने वाले वाहनों के लिए मोड़ पर एक बड़ा आईना होगा।
मोड़ पर यातायात संकेत लगाए जाएंगे, जिसमें अधिकतम सीमा 30 से 35 प्रति घंटा रहेगी।
मोड़ पर ही दोनों तरफ से आने वाले वाहनों के लिए रेडियम पट्टियां लगाई जाएंगी, ताकि लोग पहले ही सतर्क हो जाएं।
रेलवे क्रासिंग के ऊपर बने स्लैब पर 20 स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी।
पुल के त्रिकोण पर निचले हिस्से पर जमीन की तलाश चल रही है, जहां गर्डर डालकर पुल का मोड़ चौड़ा करने की तैयारी है।

 

Related Articles

Back to top button