राजस्थान

राजस्थान संपर्क 181 की समीक्षा, शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर सरकार का जोर

जयपुर
राज्य सरकार की आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी समाधान की मंशा के अनुरूप संयुक्त शासन सचिव, वित्त (व्यय-II) प्रताप सिंह ने सोमवार को 'राजस्थान संपर्क 181' हेल्पलाइन केंद्र का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पोर्टल की कार्यप्रणाली, परिवाद निस्तारण की गति एवं डैशबोर्ड की समीक्षा की।

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निरीक्षण के दौरान सिंह ने सीएम डैशबोर्ड पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में लगने वाले औसत समय को निरंतर कम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीक एवं विभागीय समन्वय के माध्यम से परिवादियों को न्यूनतम समय में अधिकतम राहत पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

'संपर्क जीपीटी' के माध्यम से जटिल एवं अंतर-विभागीय प्रकरणों का प्रभावी विश्लेषण
 सिंह ने बताया कि अंतर-विभागीय प्रकृति की शिकायतों के प्रभावी एवं स्थायी समाधान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित 'संपर्क जीपीटी' के माध्यम से गहन डेटा विश्लेषण किया जा रहा है, जिससे जटिल एवं बहु-विभागीय प्रकरणों की जड़ तक पहुंचकर उनका स्थायी समाधान संभव हो रहा है।

परिवादियों को मौके पर ही त्वरित राहत, अधिकारियों से किया सीधा समन्वय
संयुक्त शासन सचिव ने 181 हेल्पलाइन पर आने वाले जन परिवादों को स्वयं सुना तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों से तत्काल समन्वय स्थापित कर कई समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित करवाया।

डैशबोर्ड की सतत मॉनिटरिंग से गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित
उन्होंने पोर्टल पर लंबित एवं निस्तारित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण समाधान एवं सकारात्मक जन-फीडबैक सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

सिंह ने हेल्पलाइन केंद्र के कार्मिकों की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि जनसमस्याओं के समयबद्ध निस्तारण से प्रशासनिक तंत्र के प्रति आमजन का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो रहा है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं आईटी विंग के तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

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