खेल

मैनचेस्टर टेस्ट में इतिहास रचने की कगार पर ऋषभ पंत, तोड़ सकते हैं रोहित-सहवाग का रिकॉर्ड

नई दिल्ली 
भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ऋषभ पंत इंग्लैंड के खिलाफ आगामी चौथे टेस्ट में वीरेंद्र सहवाग का रिकॉर्ड तोड़ने के बेहद करीब हैं. पंत इस समय ज़बरदस्त फॉर्म में हैं और मौजूदा सीरीज़ में अब तक 425 रनों के साथ दूसरे सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ ने तीन मैचों में 70.83 की औसत से रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं. जैसे-जैसे चौथा टेस्ट नज़दीक आ रहा है, पंत एक बड़े रिकॉर्ड को तोड़ने की दहलीज़ पर खड़े हैं. वह टेस्ट क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे ज़्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बनने से केवल तीन छक्के दूर हैं.

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पंत बना सकते हैं ये खास रिकॉर्ड
विकेटकीपर-बल्लेबाज़ पंत ने अब तक 46 टेस्ट मैचों में 88 छक्के लगाए हैं, और वह इस मामले में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा की बराबरी पर हैं. वह अब केवल तीन छक्के लगाकर वीरेंद्र सहवाग को पछाड़ सकते हैं, जिन्होंने अपने टेस्ट करियर में 103 मैचों में 90 छक्के लगाए थे. ऐसे में 23 जुलाई से मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में शुरू होने वाले चौथे टेस्ट में पंत के पास यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका रहेगा. हालांकि, तीसरे टेस्ट के दौरान लॉर्ड्स में विकेटकीपिंग करते समय उनकी उंगली में चोट लग गई थी, जिससे इस मैच में उनकी भागीदारी संदिग्ध हो गई है.

चोटिल हुए हैं ऋषभ पंत
पंत को टेस्ट के पहले दिन विकेटकीपिंग करते वक्त चोट लगी, जिसके बाद उन्होंने बाकी मैच में दस्ताने नहीं पहने और उनकी जगह ध्रुव जुरेल ने सब्स्टिट्यूट विकेटकीपर की भूमिका निभाई. भारत के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोएशेट ने संकेत दिए हैं कि पंत को बतौर विशुद्ध बल्लेबाज़ खिलाया जा सकता है, क्योंकि वह शानदार फॉर्म में हैं और चौथा टेस्ट भारत के लिए बेहद अहम है. हालांकि, ऐसा करने के लिए टीम को अपनी प्लेइंग इलेवन में बदलाव करने होंगे और जुरेल को विकेटकीपर के रूप में खिलाना होगा.

वहीं, भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री का मानना है कि पंत को सिर्फ बल्लेबाज़ के रूप में नहीं खिलाना चाहिए और उन्हें पूरी तरह फिट होकर आखिरी टेस्ट के लिए तैयार होना चाहिए. हालांकि, पांच मैचों की सीरीज़ में भारत 1-2 से पीछे चल रहा है, ऐसे में टीम पंत को किसी भी कीमत पर खिलाने के लिए मजबूर हो सकती है. अब देखना होगा कि क्या टीम प्रबंधन इस अहम मुकाबले में उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल करता है या नहीं.

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