हमर छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में जमीन की नई गाइड लाइन दरों पर सौकड़ों आपत्तियां, दावा-आपत्ति की आज अंतिम तारीख

रायपुर. प्रदेश में जमीन की नई गाइडलाइन दरों को लेकर दवा अपत्तियों के लिए बुधवार अंतिम दिन है। राज्य शासन द्वारा 20 नवंबर से लागू की गई संशोधित गाइडलाइन दरों पर दावा-आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर है, लेकिन इससे पहले ही प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आपत्तियां सामने आ चुकी हैं।

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अकेले रायपुर जिले में 600 से अधिक दावा-आपत्तियां पंजीयन विभाग को प्राप्त हो चुकी हैं, जबकि अन्य जिलों में भी यही हाल है। इसके अलावा नवा रायपुर अटल नगर क्षेत्र में गाइडलाइन 2025-26 को लेकर 27 गांवों से जुड़े 500 से अधिक प्रभावित किसान नवा रायपुर मुख्यालय में पहुंचे और व्यक्तिगत व सामूहिक आवेदन जमा किए। राज्य शासन ने सभी जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देशित किया है कि नई गाइड लाइन दरों पर प्राप्त आपत्तियों, याचिकाओं और सुझावों की गहन समीक्षा की जाए। 31 दिसंबर के बाद जिला समितियां अपने संशोधन प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजेंगी। अंतिम निर्णय वहीं से लिया जाएगा।

शहरी में 20 प्रतिशत, ग्रामीण में 500 प्रतिशत तक बढ़ी दरें
सरकार ने इस बार गाइडलाइन दरों में बड़ा बदलाव करते हुए शहरी क्षेत्रों में 20 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 500 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है। अधिकारियों का तर्क है कि वर्ष 2017–18 के बाद गाइडलाइन दरों में कोई संशोधन नहीं हुआ था, जिससे बाजार मूल्य और सरकारी दरों में भारी अंतर आ गया था। अधिकारियों के अनुसार नई दरों से किसानों और भूमिस्वामियों को भूमि अधिग्रहण के समय अधिक और न्यायसंगत मुआवजा मिलेगा, वहीं संपत्ति के एवज में बैंक से अधिक लोन भी स्वीकृत हो सकेगा।

रियल इस्टेट बाजार पर सीधा असर
दूसरी ओर, नई गाइडलाइन दरों ने रियल इस्टेट बाजार की रफ्तार धीमी कर दी है। जमीन और मकान खरीदना पहले की तुलना में काफी महंगा हो गया है। इसका असर पंजीयन कार्यालयों में साफ दिख रहा है, रजिस्ट्री की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है। रियल इस्टेट से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि कई लोग गाइडलाइन दरों में संभावित संशोधन का इंतजार कर रहे हैं, जिसके चलते खरीदी-बिक्री के सौदे अटके हुए हैं। नई गाइडलाइन दरों के खिलाफ विरोध का स्वर केवल किसानों तक सीमित नहीं रहा। कुछ दिन पहले बिल्डरों के प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मुलाकात कर गाइडलाइन दरों में संशोधन की मांग की थी।

समीक्षा करने के निर्देश दिए –
राज्य शासन द्वारा जिला मूल्यांकन समितियों को नई गाइडलाइन दरों पर प्राप्त सभी आपत्तियों, याचिकाओं और सुझावों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। समितियों के प्रस्तावों की जांच के बाद केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड अंतिम रूप से संशोधित गाइडलाइन दरों को तय करेगा।
-पुष्पेंद्र कुमार मीणा, महानिरीक्षक, पंजीयन विभाग

 

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