ग्वालियरमध्यप्रदेश

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, मां बगलामुखी के किए दर्शन

दतिया
 उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के उप मुख्यमंत्री (Deputy Chief Minister) केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) आज मध्य प्रदेश के दतिया (Datia) पहुंचे। उन्होंने पीतांबरा पीठ (Pitambara Peeth) पहुंचकर मां बगलामुखी (Maa Baglamukhi) के दर्शन (Darshan) किए। साथ ही पीठ परिसर में स्थित वनखंडेश्वर महादेव (Vankhandeshwar Mahadev) का अभिषेक किया। दर्शन के बाद वह झांसी (Jhansi) के लिए रवाना हो गए।

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विधि विधान से की पूजा

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य अपने अल्प प्रवास के दौरान विशेष विमान से दतिया पहुंचे। उन्होंने विधि विधान से मां बगलामुखी माता की पूजा अर्चना की और महाभारत कालीन वानखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया है। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि की शुभकामना की है।

महाकुंभ को लेकर कहा- आस्था पर सवाल उठाना सबसे बड़ा पाप

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने महाकुंभ पर सवाल उठाने वालों को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा, “आस्था पर सवाल उठाना सबसे बड़ा पाप है। चाहे अखिलेश यादव हो या ममता बनर्जी, जनता उनको इस बयान का जवाब देगी।”

जनप्रतिनिधियों ने किया स्वागत

दरअसल, केशव प्रसाद मौर्य आज झांसी के दौरे पर हैं। उससे पहले वह दतिया पहुंचे और मां बगलामुखी देवी के दर्शन किए। उसने मध्य प्रदेश आगमन पर दतिया एयरपोर्ट पर जनप्रतिनिधियों और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।

सर्किट हाउस में करेंगे समीक्षा बैठक

बता दें कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य आज जनपद झांसी के सर्किट हाउस में पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। इसके बाद विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे।

क्या है पीतांबरा पीठ की मान्यता?

मान्यता है कि पीतांबरा पीठ पर स्थित महादेव का मंदिर महाभारतकालीन है, जबकि मढ़िया के महादेव के मंदिर की स्थापना 5 हजार वर्ष पूर्व दंत वक्रेश्वर नामक असुर ने की थी। तब यहां जंगल था। कालांतर में यहां शहर बस गया, जिसका नाम दंत वक्रेश्वर के नाम पर दंत्रिया था, जो बाद में अपभरंश होकर दतिया हो गया। इन दोनों शिव मंदिरों के बारे में मान्यता है कि दोनों मंदिर में श्रद्धालु सच्चे मन से जो भी कामना करता है वह पूर्ण होती है। 

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