मध्यप्रदेश

चार हाथियों पर झुंड पहुंचा शहडोल, डीएफओ श्रद्धा प्रेंद्रे ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी

शहडोल
 इन दिनों बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ से हाथियों का झुंड शहडोल संभाग में आया है. जो सोमवार तड़के सुबह विचारपुर से ग्राम ऐन्ताझर के जंगलों में पहुंच गया. स्थानीय ग्रामीणों की माने तो झुंड में 4 हाथी देखे गए हैं. इन हाथियों की निगरानी में वन विभाग की टीम जुटी हुई है.

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शहडोल संभाग में हाथियों का मूवमेंट

पिछले कुछ समय से शहडोल संभाग में लगातार हाथियों का मूवमेंट देखने को मिल रहा है. यह हाथी कभी अनूपपुर में धमाचौकड़ी मचाते हैं, तो कभी शहडोल में चहलकदमी करते नजर आते हैं. वर्तमान में छत्तीसगढ़ से आए हुए ये हाथी अनूपपुर के रास्ते उमरिया होते हुए शहडोल पहुंचे हैं. जो कि शहडोल जिला मुख्यालय से लगे ग्राम ऐन्ताझर के जंगलों में पहुंच गए हैं.

ऐन्ताझर जंगल में चहलकदमी करते दिखे हाथी

ऐन्ताझर के फॉरेस्ट गार्ड राजनाथ बैगा ने बताया कि ''4 हाथी सोमवार तड़के सुबह ऐन्ताझर पहुंचे हैं, सभी हाथी अभी जंगल में हैं. उनकी हम लगातार निगरानी कर रहे हैं." जानकारी के अनुसार, हाथियों ने शहडोल जिले के बैगिन टोला निवासी चंद्रवती बैगा के घर को नुकसान पहुंचाया है. साथ ही कुछ जगहों पर पेड़ पौधे को भी नुकसान पहुंचाया है.

हाथियों ने विचारपुर में बिताई छुट्टी

बता दें कि, हाथी छत्तीसगढ़ से पहले अनूपपुर जिले में आए, जहां कुछ गांवों में जमकर धमाचौकड़ी मचाने के बाद अहिरगमा रेंज से होते हुए उमरिया जिले के घुनघुटी रेंज में पहुंच गए. यहां से शहडोल के विचारपुर गांव पहुंचे. जहां बीते रविवार को पूरे दिन रहे. फिर यहां से सोमवार तड़के सुबह ऐन्ताझर के जंगलों में पहुंच गए हैं.

छत्तीसगढ़ वापस लौटने की राह

चारों हाथी व्यस्क और दंतैल बताए जा रहे हैं. फिलहाल ये सभी पतखई घाट के रास्ते छत्तीसगढ़ वापस लौटने की राह पर नजर आ रहे हैं. हालांकि वन विभाग की टीम एक्टिव हो गई है. साउथ डीएफओ श्रद्धा प्रेंद्रे ने कहा, "छत्तीसगढ़ से 4 हाथी ऐन्ताझर जंगल में पहुंच गए हैं. ये सभी अनूपपुर के रास्ते उमरिया होते हुए यहां तक पहुंचे हैं."

उन्होंने आगे बताया कि "वन विभाग की टीम लगातार इन हाथियों पर नजर बनाए हुए हैं, उनकी निगरानी में वन विभाग की टीम को तैनात किया गया है. लोगों को इनसे डरने की बजाए सतर्क रहना चाहिए. जंगल की ओर जाने से लोग बचें और हाथियों को देखने पर उनके साथ छेड़छाड़ न करें."

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