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श्वेता त्रिपाठी का बयान: महिलाओं और क्वीर कहानियों का समर्थन करना सही लगता है

मुंबई 
अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी ने प्रोड्यूसर के रूप में महिलाओं पर आधारित और क्वीर कहानियों को सपोर्ट करने का फैसला किया है, क्योंकि उन्हें लगता है कि यह सही है और इस काम में उन्हें खास महसूस होता है। एक आर्टिस्ट के तौर पर यह उनके लिए एक बड़े मकसद का हिस्सा है। श्वेता ने हाल ही में अपनी पहली क्वीर फिल्म 'मुझे जान ना कहो मेरी जान' को प्रोड्यूस करने की घोषणा की है। इस फिल्म में तिलोत्तमा शोम मुख्य भूमिका में हैं और यह एक क्वीर लव स्टोरी है, जो इस साल फ्लोर पर आने की उम्मीद है। फिल्म में श्वेता खुद भी अभिनय कर रही हैं। श्वेता पहले भी क्वीर प्ले 'कॉक' को प्रोड्यूस कर चुकी हैं, जो माइक बार्टलेट की ओलिवर अवॉर्ड विनर ड्रामा है। कई शहरों में ये ड्रामा प्ले हुआ और दर्शकों से इसे शानदार रिस्पॉन्स मिला।

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अभिनेत्री ने बताया, "मेरे लिए यह बहुत पर्सनल है। अगर हम समाज में कोई खास बदलाव देखना चाहते हैं, तो हमें खुद इसका हिस्सा बनकर शुरुआत करनी होगी। महिलाओं और क्वीर लाइफ की कहानियां हमेशा से मौजूद रही हैं, लेकिन उन्हें वह जगह और सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार हैं। अब जब मुझे चुनने और कुछ बनाने का मौका मिला है, तो मुझे इसका सही इस्तेमाल करना है।"
वह चाहती हैं कि यह कहानी दर्शकों को जानी-पहचानी और खास लगे। उनका मानना है कि क्वीर कहानियां असरदार होने के लिए जोरदार या सनसनीखेज नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया, "कभी-कभी ये कहानियां कोमल और रोजमर्रा की होती हैं। वे हमेशा खुद को जाहिर नहीं करतीं, लेकिन आपके साथ रहती हैं। मैं इसी तरह के काम से जुड़ना चाहती हूं।"

श्वेता ने आगे कहा, "यह वह रास्ता लगता है जिस पर मैं चलना चाहती हूं। महिलाओं पर आधारित विषयों को सपोर्ट करना, क्वीर आवाजों को बढ़ावा देना और अपने फैसलों में ईमानदार रहना। यह सही लगता है और मेरे लिए एक आर्टिस्ट के तौर पर घर जैसा और बड़े मकसद का हिस्सा है।"
अभिनेत्री जल्द ही 'मिर्जापुर-द मूवी' में नजर आएंगी, जो 4 सितंबर को थिएटर्स में रिलीज होगी। फिल्म में श्वेता त्रिपाठी के साथ पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु, रसिका दुग्गल समेत पुराने और नए कलाकार शामिल हैं।

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